पाकिस्तान की बीमार और सुस्त अर्थव्यवस्था को उबारने में मदद करने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने शुक्रवार को 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 130 करोड़ रुपये) का आपातकालीन ऋण देने पर अपनी मुहर लगा दी।
पाकिस्तान, हाल के वर्षों में विदेशी मुद्रा भंडार की कम आपूर्ति और विकास को गति देने के साथ एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। अगस्त 2018 में सत्ता संभालने के बाद से, प्रधानमंत्री इमरान खान चीन और सऊदी अरब जैसे करीबी सहयोगियों से बेलआउट पैकेज के आकार को कम करने के लिए रियायती ऋण देने की अपील कर चुके हैं।
पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से भी कर्ज मिल चुका है। एडीबी के एक बयान के अनुसार, ‘यह ऋण 2018 में राजकोषीय स्थिति में बड़ी गिरावट के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए आईएमएफ के आर्थिक सुधार कार्यक्रम का हिस्सा है।’
एडीबी में मध्य और पश्चिम एशियाई मामलों के महानिदेशक वर्नर लैपच ने कहा कि ‘एडीबी, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बाहरी आर्थिक झटकों के जोखिम को कम करने के लिए व्यापक समर्थन देने के लिए तैयार है।
इस धनराशि से पाकिस्तान की सरकार को प्रतिकूल सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को रोकने के लिए जरूरी आपात पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।’ एडीबी ने एक अन्य प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ‘इस ऋण में एक अरब रुपये चालू खाता घाटा कम करने के लिए और राजस्व का आधार मजबूत करने के लिए दिया गया है।
जबकि शेष 30 करोड़ रुपये ऋ ण ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ाने के लिए दिया गया है।’ एडीबी ने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी बिजली उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं, लेकिन इस क्षेत्र में अक्षमता, विकृतियों और असमान सुधारों की चुनौतियों से उबरना अभी बाकी है।