पाकिस्तान के विश्वसनीय मित्र चीन ने नीलम-झेलम जलविद्युत परियोजना को लेकर भुगतान में देरी की वजह से बड़ा झटका दिया है। एशियन लाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाक में बिजली उत्पादन को लेकर अपनी रुचि खत्म कर दी है। अप्रैल 2018 में 969 मेगावाट की यह परियोजना शुरू हुई थी लेकिन इसकी 68 किमी लंबी सुरंग प्रणाली में रुकावट के कारण यह जुलाई 2022 से ठप है।
चीन इसके पुनरुद्धार में मदद करने के लिए पूरी तरह अनिच्छुक दिखाई दे रहा है क्योंकि उसे भुगतान की समस्या आ रही है। पाकिस्तान के अखबार बिजनेस रिकॉर्डर के मुताबिक, पाक में चीनी राजदूत नोंग रोंग ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) को भुगतान में देरी, बढ़ती विनिमय दर और राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक पावर नियामक के कारण चीनी कंपनियां प्रगति के लिए अनिच्छुक बनी हुई हैं।
पाक पर चीनी स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) के करीब 300 अरब पाकिस्तानी रुपये बकाया हैं और यह देनदारी द्विपक्षीय संबंधों में एक गंभीर बिंदु बन गई है। उधर, आईएमएफ ने पाक को बिजली दर बढ़ाने को कहा है। लेकिन चीनी रुख से विदेशी निवेशकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। नीलम-झेलम परियोजना में गतिरोध से पाकिस्तान और चीन के बीच समझ के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है।