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पाकिस्तान : हाईवे दुष्कर्म पर पुलिस अफसर बोला, पति से अनुमति लेकर करनी चाहिए थी यात्रा

Wed, 30 Sep 2020 03:24 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर।
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घटना के विरोध में इस्लामाबाद में प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
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पाक के लाहौर-सियालकोट हाईवे दुष्कर्म मामले में विवादित बयान देकर चर्चाओं में आए पुलिस अधिकारी उमर शेख ने अब सीनेट में शर्मनाक बयान दिया है। शेख ने मानवाधिकार पैनल के सामने कहा है कि इस घटना का कारण महिला का पति की इजाजत के बिना देर रात यात्रा करना रहा है। इससे पहले उमर ने विदेशी मूल की महिला के देर रात घर से बाहर निकलने को लेकर सवाल उठाए थे।

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पुलिस अधिकारी के बयान को लेकर महिला अधिकार संगठन पहले ही उमर शेख के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉन अखबार के मुताबिक, मामले की प्रगति के बारे में जानकारी देने के लिए लाहौर कैपिटल सिटी पुलिस अफसर उमर शेख को समिति ने तलब किया था। 

सुनवाई के दौरान पैनल ने उनके इस बयान को लेकर फटकार लगाई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला अपने पति की इजाजत के बिना घर के बाहर थीं। वहीं, जब पैनल द्वारा महिला की तरफ से यह जानकारी देने की बात पूछी गई, तो अधिकारी ने कहा कि यह उनका अनुमान था। 
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जब समिति ने मामले के तथ्यों को बताने के बजाय निजी राय देने पर उन्हें फटकार लगाई, तो शेख ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि पीड़िता देर रात चली गई थी, क्योंकि उन्हें वीडियो कॉल पर अपने पति से बात करनी थी।

प्रमुख संदिग्ध को किया गिरफ्तार
बता दें कि पाकिस्तान में हाईवे पर तीन बच्चों के सामने फ्रांसीसी महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में वांछित प्रमुख संदिग्ध को सोमवार 14 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। पाकिस्तान के पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने ट्वीट कर बताया था कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की पहचान 23 वर्षीय शफाकत अली के रूप में हुई है। उसका डीएनए अपराध स्थल से एकत्र किए गए नमूनों से मेल खाता है।

मुख्यमंत्री बुजदार ने यह भी बताया था कि आरोपी ने खुद जुर्म कुबूल भी कर लिया है। जबकि इससे पहले 13 सितंबर को इस मामले में एक अन्य संदिग्ध वकारुल हसन ने आत्मसमर्पण कर दिया था। हसन से ही मिली जानकारी के बाद शफाकत को क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया था।

दुष्कर्म की दो घटनाओं को लेकर हुआ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान में पिछले दिनों हुई दुष्कर्म की दो घटनाओं को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ था। पहली घटना कराची में पांच साल की लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या की थी और दूसरी लाहौर की, जहां फ्रांस की निवासी महिला का उसके दो बच्चों के सामने ही दुष्कर्म किया गया और आरोपी उसके पास से नकदी, जेवर व तीन एटीएम कार्ड लेकर भाग गए।

इन घटनाओं को लेकर पूरे देश में हंगामा बरपा था। इस्लामाबाद में हजारों महिलाएं सड़क पर उतरीं। उनकी मांग थी कि घटना के लिए पुलिस प्रमुख को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफा लिया जाए। विरोध जता रही महिलाओं ने अपराधियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी।

कूड़े के ढेर में मिली थी बच्ची की लाश
दुष्कर्म की पहली घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, कराची में पांच साल की बच्ची घर से बिस्कुट लेने के लिए निकली थी। इस दौरान उसे अगवा करके दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उसकी लाश एक कूड़े के ढेर में मिली। पोस्टमार्टम में पाया गया कि उसके सिर पर वार किया गया और फिर उसे जलाया गया।
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फ्रांस की महिला से बच्चों के सामने हुआ था दुष्कर्म

दूसरी घटना फ्रांस की नागरिक महिला से लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर बृहस्पतिवार को देर रात हुई थी। महिला लाहौर से अपने बच्चों के साथ गुजरांवाला जा रही थी। तभी उसकी कार में पेट्रोल खत्म हो गया। उसने एक रिश्तेदार को फोन किया और फिर राजमार्ग पुलिस की हेल्पलाइन पर भी फोन किया।

लेकिन किसी मदद के बजाय दो लोग आए और गाड़ी का शीशा तोड़कर महिला व दोनों बच्चों को घसीटकर पास के खेत में ले गए जहां बच्चों के सामने ही मां का दुष्कर्म किया और बाद में उसके पास रखी नकदी, गहने और एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए थे। 

पुलिस प्रमुख के बयान की निंदा
दुष्कर्म की वारदात के बाद लोगों में लाहौर के पुलिस प्रमुख उमर शेख को लेकर भी काफी आक्रोश देखा गया था। शेख ने अपनी शुरुआती जांच में पीड़िता पर ही कई सवाल उठाते हुए कहा था कि फ्रांस की महिला ने कोई और रास्ता क्यों नहीं लिया? उसने अपनी कार में पेट्रोल क्यों नहीं चेक किया?

ऐसा कहकर मेरा इरादा पीड़िता को दोषी ठहराने का नहीं, लेकिन मैं सिर्फ अपने समाज की सच्चाई सामने रखना चाहता हूं। शेख ने यह भी कहा कि बहन-बेटियों को अकेले इतनी रात बिना मर्द के सफर नहीं करना चाहिए। मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने शेख के बयान को अस्वीकार्य बताते हुए निंदा की थी।
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