पाकिस्तान के पूर्व आंतरिक मंत्री शेख राशिद अहमद ने दावा किया है कि हाल ही में सत्ता से बाहर हुए प्रधानमंत्री इमरान खान जल्दी चुनाव आयोजित करवाने के लिए नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। अहमद ने आगे कहा कि मैंने सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के बीच गलतफहमी को दूर करने के लिए प्रयास किए हैं।
शेख राशिद अहमद अवामी नेशनल लीग-पाकिस्तान के प्रमुख हैं। यह पार्टी इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक प्रमुख गठबंधन भागीदार है।
पीटीआई के कार्यकर्ता देश की राजधानी इस्लामाबाद के लिए एक मेगा-मार्च शुरू करने के लिए तैयार हैं। इसके तहत पूरे देश से पार्टी के कार्यकर्ता जल्दी चुनाव की तारीखों की मांग के साथ राजधानी पहुंचेंगे।
हालांकि, राशिद ने इस मेगा मार्च को लेकर कहा है कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान के चुनाव आयोग को जल्दी चुनाव कराने के लिए राजी करने तक सीमित रहना चाहिए और इस दौरान किसी अन्य सरकारी संस्था पर हमला नहीं होना चाहिए।
युद्ध की स्थिति बनी तो इमरान के साथ खड़ा रहूंगा: शेख राशिद
सोमवार को वीओए न्यूज में प्रकाशित एक लेख के अनुसार राशिद ने कहा कि मैंने कल (रविवार) पीटीआई और सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के बीच गलतफहमी दूर करने के लिए कोशिश शुरू की थी। मैं सेना के साथ शांति के समर्थन में हूं। लेकिन अगर युद्ध की स्थिति बन ही जाती है तो मैं इमरान खान के साथ खड़ा रहूंगा।
उन्होंने सेना का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इमरान खान आम चुनाव का जल्दी आयोजन करने के लिए शरीफ सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन, इसके लिए शक्तिशाली प्रतिष्ठानों की गारंटी की जरूरत है। पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री इमरान खान (69) अप्रैल की शुरुआत में एक अविश्वास प्रस्ताव से सत्ता खो बैठे थे।
अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार से बाहर हुए थे इमरान खान
क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की राजनीति की पिच पर पारी कुछ खास नहीं रही। क्रिकेट के मैदान में कई रिकॉर्ड बनाने वाले इमरान अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से बेदखल होने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बनने का शर्मनाक रिकॉर्ड बना गए। इसके बाद 70 वर्षीय शहबाज शरीफ ने 11 अप्रैल को नए प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
यहां के वर्तमान सदन की अवधि अगस्त 2023 में समाप्त होगी। हालांकि, पीटीआई के सांसदों ने राष्ट्रीय असेंबली के सदस्यों के बड़ी संख्या में राजनीतिक वफादारी बदलने की बात कहते हुए जल्दी चुनाव आयोजित कराए जाने की मांग की है।