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पाकिस्तान: शहबाज शरीफ ने व्यक्त की भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा, जानें कश्मीर विवाद पर क्या बोले

Mon, 25 Apr 2022 07:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए प्रधान मंत्री शरीफ ने पहले ही कहा है कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे के न्यायसंगत समाधान के बिना स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती।
 
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शहबाज शरीफ - फोटो : facebook/ShehbazSharif
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विस्तार
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पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा व्यक्त की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कश्मीर विवाद के न्यायसंगत समाधान के बिना स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती है।

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विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए प्रधान मंत्री शरीफ ने पहले ही कहा है कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे के न्यायसंगत समाधान के बिना स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती।

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई पत्र के जवाब में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद को हल करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रवक्ता के अनुसार, शहबाज ने कहा कि यह दोनों देशों को विकास की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाएगा।
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गौरतलब है कि शहबाज शरीफ ने 11 अप्रैल को पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब उनके पूर्ववर्ती इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव में बाहर कर दिया गया था।

अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के अनुसार पाकिस्तान, हमारे राष्ट्रीय हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा करने और क्षेत्र और उससे आगे शांति और विकास को बढ़ावा देने में हमारी भूमिका निभाने के लिए सभी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय क्षेत्रों में हमारी कूटनीति और साझेदारी को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाना जारी रखेगा।

भारत ने कहा है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।अगस्त 2019 में भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर की विशेष शक्तियों को वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बिगड़ गए थे।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने बैसाखी समारोह की पूर्व संध्या पर भारत के सिख तीर्थयात्रियों को 12 से 21 अप्रैल तक उत्सव में भाग लेने के लिए 2200 से अधिक वीजा जारी किए। नई दिल्ली से जारी वीजा सिख तीर्थयात्रियों को दिए गए वीजा के अतिरिक्त थे।

इन आयोजनों में अन्य देशों से आए तीर्थयात्रियों ने पंजा साहिब, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब जैसे प्रतिष्ठित स्थलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पवित्र धार्मिक स्थलों को संरक्षित करने और आगंतुकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने में बहुत गर्व महसूस करता है। 

पीएम मोदी के कश्मीर दौरे से बौखलाया पाकिस्तान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कश्मीर यात्रा और चिनाब नदी पर रतले व क्वार पनबिजली परियोजनाओं की आधारशिला रखने से पाकिस्तान बौखला उठा है। उसका दावा है कि यह सिंधु जल संधि का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। बता दें, अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 रद्द करने के बाद से पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर में यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बौखलाते हुए कहा कि यह दौरा और पननिजली परियोजनाएं ठीक नहीं। इन परियोजनाओं के निर्माण को पाकिस्तान 1960 की सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के सीधे उल्लंघन के रूप में देखता है।

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