पाकिस्तान की नई सरकार ने ईद से पहले बड़ी घोषणा की है। देश के नए प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने ईद-उल-फितर से पहले जेल में बंद कैदियों को तोहफा देते हुए उनकी सजा में दो महीने की छूट की घोषणा की है। शहबाज शरीफ द्वारा दी गई सजा में छूट मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद सहित आतंकवाद के मामलों के दोषियों पर लागू नहीं होती है।
दरअसल, रविवार को नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लाहौर की उच्च सुरक्षा वाली कोट लखपत जेल का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज ने छूट की घोषणा की। इसको लेकर वहां के वरिष्ठ अधिवक्ता वहीद शहजाद ने सोमवार को कि आतंकवाद के मामलों में दोषी ठहराए गए कैदियों पर दो महीने की छूट लागू नहीं होगी। पीएम शहबाज शरीफ ने कोट लखपत जेल के बैरक का भी दौरा किया। जेल में अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जेलों में कैदियों के लिए शौचालय, कपड़े धोने और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
प्रधान मंत्री ने देश में जेलों को संचालित करने वाली समग्र प्रणाली में सुधार करने के अलावा, कैदियों को बुनियादी सुविधाओं के प्रावधान के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का भी आदेश दिया।
गौरतलब है कि बीते आठ अप्रैल को लाहौर की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को आतंकवाद के वित्तपोषण के दो और मामलों में 32 साल जेल की सजा सुनाई थी। इससे पहले 71 वर्षीय हाफिज सईद को आतंकवाद के वित्तपोषण के पांच मामलों में 36 साल कैद की सजा हो चुकी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता वहीद शहजाद ने बताया कि सारे मामलों में मिली उनकी 68 साल कैद की कुल सजा एक साथ चलेगी। सईद को ज्यादा साल जेल में नहीं बिताने पड़ेंगे क्योंकि उसकी सजा साथ-साथ चलेगी। बता दें कि सईद कोट लखपत जेल में अपनी सजा काट रहा है।
जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी घोषित किया था। उस पर अमेरिका ने 10 मिलियन अमरीकी डालर का इनाम भी रखा है। उसको जुलाई 2019 में आतंक के वित्तपोषण के मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि कोट लखपत जेल शहबाज शरीफ ने लगभग आठ महीने तक धन शोधन और अवैध संपत्ति के मामलों में सजा काटी है। इसके अलावा शहबाज शरीफ के बड़े भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री 72 वर्षीय नवाज शरीफ ने भी 2019 में कोट लखपत जेल में समय बिताया है। उन्हें अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
'मौजूदा सरकार पाकिस्तान के इतिहास में सबसे छोटी सरकार होगी'
पूर्व गृह मंत्री शेख राशिद ने सोशल मीडिया पर भविष्यवाणी की कि अपदस्थ प्रधान मंत्री इमरान खान का इस्लामाबाद मार्च का आह्वान दुनिया को चौंका देगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पाकिस्तान के इतिहास में सबसे छोटी सरकार होगी। राशिद ने खान की सरकार को हटाने के बाद पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को परेशान करने वाला और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि शहबाज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के पास 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में केवल 86 सीटें हैं और बाकी का संख्यात्मक समर्थन उन्हें गठबंधन के सहयोगियों से मिला है। इन गठबंधन के सहयोगियों को शांत और संतुष्ट रखने के लिए शहबाज शरीफ को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें जेलों में होना चाहिए था, उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा रहा है और जिन्हें देश द्वारा सम्मान की आवश्यकता है, वे संदिग्ध होते जा रहे हैं।