अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने जिस तरह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना अच्छा दोस्त बताया और पाकिस्तान के साथ अपने करीबी रिश्ते के बारे में जोर देकर कहा, उससे पाकिस्तान बेहद उत्साहित है।
पाकिस्तान ने ट्रंप के इस बयान की अहमियत को समझने की बात कही है और इसे बेहद सकारात्मक माना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्तान के बारे में ट्रंप का यह बयान बेहद उल्लेखनीय है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पाकिस्तान विदेश विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ट्रंप भारत-पाकिस्तान और इस पूरे क्षेत्र में शांति और स्थायित्व चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने भारत से सकारात्मक भूमिका निभाने की भी अपील की है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा है कि यह तभी संभव है जब कश्मीर का मसला हल हो। कुरैशी ने आरोप लगाया कि भारत की मौजूदा सरकार ने कश्मीर के मसले को और उलझा दिया है और 5 अगस्त के बाद से कश्मीर की पहचान मिटाने के साथ इसे टुकड़ों में बांट दिया है।
कुरैशी ने सवाल उठाया कि पिछले 206 दिनों से कश्मीर में लॉकडाउन की स्थिति है, ऐसे में हालात कैसे सामान्य हो सकते हैं। पाकिस्तान ने दिल्ली में हो रही हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया है और कहा है कि सीएए आने के बाद जो हालात हैं, उसीका नतीजा दिल्ली में नजर आ रहा है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो इसका असर पूरी दुनिया में नजर आएगा।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत को अपनी नीतियों और व्यवहार की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि ट्रंप ने दुनिया के सामने ये साफ कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ जंग में दुनिया के साथ है और इसकी कई मिसालें भी हैं। यहां तक कि अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया की कोशिशों में भी पाकिस्तान की भूमिका को देखा जा सकता है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा है कि जिस पाकिस्तान को भारत हमेशा से एक समस्या मानता रहा है, वही पाकिस्तान उसकी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने पाकिस्तानी जनता, वहां की सेना और राजनीतिक नेतृत्व को इस सकारात्मक बदलाव के लिए बधाई दी है।
पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भी ट्रंप के इस बयान को बेहद सकारात्मक और उत्साह बढ़ाने वाला बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता फिरदौस आशिक अवान ने कहा है कि पाकिस्तान गंभीरता के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के साथ ही शांति बहाली के रास्ते तलाशने की कोशिशों में जुटा है, इसे कम से कम अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहचाना है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि ट्रंप कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान की भावनाओं को समझेंगे और वहां के हालात सुधारने में अहम भूमिका निभाएंगे।