पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को पाकिस्तानी सेना के तर्क पर सवाल उठाया है और कहा कि उनकी हत्या की साजिश में शामिल सैन्य अधिकारी की आलोचना सशस्त्र बलों को बदनाम करने के समान थी।
पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को खान द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार और गैर-जिम्मेदार बताते हुए खारिज कर दिया कि उनकी हत्या की साजिश में एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल था। सेना का यह बयान उसके बाद आया जब अस्पताल में भर्ती इमरान खान ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह और मेजर जनरल फैसल नसीर उनकी हत्या की साजिश में शामिल थे। इसी तरह पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की 2011 में एक धार्मिक चरमपंथी ने हत्या कर दी थी।
हमले में इमरान खान के पैर में लगी थी गोली
गुरुवार को दो बंदूकधारियों द्वारा किए गए हमले में 70 वर्षीय इमरान खान के दाहिने पैर में गोली लग गई थी। जहां वह शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ विरोध मार्च कर रहे थे। सेना ने कहा कि, इमरान द्धारा लगाए आरोप निराधार है। किसी को भी इस तरह बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग की गई है। सेना के बयान पर खान ने कहा कि वह आश्चर्यचकित है कि डीजी आईएसपीआर ने यह बयान दिया क्योंकि इमरान खान ने एक सैन्य अधिकारी पर आरोप खुद को मारने की साजिश का आरोप लगाया था। खान ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि सेना के मीडिया विंग के प्रवक्ता ने कहा कि एक सैन्य अधिकारी की आलोचना करना पाकिस्तानी सेना को बदनाम करने के समान है।