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Pakistan: 8 फरवरी को मतदान से पहले कराची में चुनावी हिंसा की खबरें, राजनीतिक दलों के टकराव से ECP का तनाव बढ़ा

Mon, 29 Jan 2024 03:42 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान में आठ फरवरी को चुनाव से पहले कराची में चुनावी हिंसा की खबरें सामने आई हैं। राजनीतिक दलों के टकराव के कारण पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) की चिंता गहराने लगी है। राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रहे प्रत्याशी टकरा रहे हैं।
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पाकिस्तान चुनाव आयोग। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। आम चुनाव के लिए मतदान से पहले कराची में चुनावी हिंसा की खबरें सामने आई हैं। देश के सबसे बड़े शहर कराची में तनाव बढ़ रहा है। प्रतिद्वंद्वियों के बीच झड़प और हिंसा की कई खबरें सामने आई हैं। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के दौरान मौत के साथ-साथ घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। खबरों के मुताबिक संसद में निर्वाचन के साथ-साथ प्रांतीय विधानसभा सीटों पर ताल ठोक रहीं राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं। ऐसे में मतदान से केवल हफ्ते भर पहले हो रही हिंसा के कारण चुनाव आयोग (ECP) के माथे पर बल पड़ने  लगे हैं।
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हिंसक झड़प में मौत और कई घायल; पुलिस ने बलप्रयोग भी किया
सोमवार को कराची के नाजिमानाड में हिंसक झड़पों की खबर सामने आई। खबर के मुताबिक पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के कार्यकर्ताओं के साथ गोलीबारी के दौरान मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम पाकिस्तान) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। हिंसक झड़प में तीन अन्य घायल हो गए। एक दिन पहले रविवार को क्लिफ्टन इलाके में पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज की खबर सामने आई थी। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के समर्थकों पर भी पुलिस ने बलप्रयोग किया था।

नवाज और इमरान के समर्थकों का टकराव
पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इमरान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक चुनावी रैली पर पुलिस ने लाठीचार्ज के अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस टकराव में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 25 लोग घायल हो गए। पश्चिमी सिंध प्रांत के कराची में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और इमरान खान की पार्टियों के समर्थकों के बीच टकराव कम नहीं हो रहा है। इस क्षेत्र को नवाज की पार्टी- पीपीपी का गढ़ माना जाता है, लेकिन नवाज को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
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इस कारण से बढ़ रही कराची में चुनावी हिंसा
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, सिंध और कराची को पीपीपी का गढ़ माना जाता है। इसके बावजूद मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में हालात बदलने की पूरी संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि नवाज की पार्टी के अलावा एमक्यूएम-पी, पीटीआई, जमात-ए-इस्लामी और कुछ स्वतंत्र उम्मीदवार भी कराची में ताल ठोक रहे हैं। पहले निर्वाचित हो चुके एमक्यूएम के सदस्यों और पार्टी से अलग हो चुके समूहों के साथ-साथ स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ रहे पीटीआई सदस्यों की दावेदारी के कारण कराची में चुनाव पूर्व हिंसा तेज हो गई है। पिछले सप्ताह चुनाव प्रचार शुरू हुआ। प्रचार के दौरान कई क्षेत्रों में पीपीपी, पीटीआई और एमक्यूएम-पी के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें सामने आ चुकी हैं।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे को कट्टर दुश्मन मानते हैं
हालात इसलिए अधिक संवेदनशील और जटिल है क्योंकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे को कट्टर दुश्मन के रूप में देखते हैं। पीपीपी विशेष रूप से एमक्यूएम-पी और जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ मजबूती से ताल ठोक रही है। राजनीतिक जलसों के लिए क्लिफ्टन पसंदीदा जगहों में गिना जाता है। इमरान खान की पार्टी का आरोप है कि उसे प्रचार के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया, पीटीआई चीफ इमरान जेल में बंद हैं। उनकी अपील पर समर्थक बड़ी संख्या में समर्थक क्लिफ्टन पहुंचे। 

इमरान की पार्टी के 30 कार्यकर्ता घायल
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में पुलिसकर्मियों को पीटीआई के बैनरों और झंडों पर हमला करते देखा गया। पुलिस ने इमरान की पार्टी के कार्यकर्ताओं को डंडों पीटा। पुलिस की कार्रवाई से भड़के पीटीआई कार्यकर्ताओं ने पथराव किया। कराची में पीटीआई के प्रवक्ता फलक अल्मास ने कहा कि पुलिस कार्रवाई में कम से कम 30 कार्यकर्ता घायल हो गए। 
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