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अब पाकिस्तान का निकलेगा तेल?: महंगे क्रूड ऑयल से कांपी अर्थव्यवस्था, IMF के सामने फिर झोली फैलाएंगे शहबाज

Mon, 09 Mar 2026 08:44 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने चेतावनी दी है कि हालात ऐसे ही रहे तो देश का मासिक तेल आयात बिल 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं पेट्रोलियम मंत्री ने संकेत दिया कि बढ़ती कीमतों से राहत के लिए पाकिस्तान आईएमएफ से पेट्रोलियम लेवी में छूट मांग सकता है।

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पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर अब पाकिस्तान की पहले से लचर अर्थव्यवस्था पर और भारी पड़ता दिख रहा है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अब तेल की महंगी कीमतों की नई मार झेलनी पड़ सकती है। इस बात की चेतावनी खुद पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात जारी रहे तो देश का मासिक तेल आयात बिल करीब 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। कर्ज और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति दोहरी आर्थिक चुनौती बनती जा रही है। 

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पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को एक बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने यह जानकारी दी। इस बैठक में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने बैठक में बताया कि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर और दबाव बढ़ सकता है। सरकार ने कहा है कि बढ़ती तेल कीमतों से होने वाले आर्थिक असर से निपटने के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

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आईएमएफ से राहत मांग सकता है पाकिस्तान
हालांकि दूसरी ओर एक खबर यह भी सामने आ रही है कि पाकिस्तान इस आर्थिक तंगी और बढ़ते तेल की कीमतों से निपटारा के लिए एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सामने भीख की गुहार लगा सकता है। इस बात की जानकारी भी खुद पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने दी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से पेट्रोलियम लेवी में राहत की मांग कर सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि देश में ईंधन की बचत की जाए ताकि मौजूदा तेल भंडार ज्यादा समय तक चल सके।

तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता
इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान में तीन तेल की खेप पहुंचने वाली हैं। हालांकि, एलएनजी की सप्लाई में बाधा आने की भी आशंका जताई गई है। सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ कूटनीतिक बातचीत शुरू कर दी है। साथ ही तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा दूसरे देशों पर भी विचार किया जा रहा है।

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पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी
इस बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।

  • पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है, जो लगभग 20% की बढ़ोतरी है।

  • नई कीमतों के बाद पेट्रोल 321.17 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

आम पाकिस्तानी जनता पर बढ़ा बोझ
गौरतलब है कि तेल की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से पाकिस्तान में आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। खासकर रमजान के दौरान पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों पर इसका बड़ा असर पड़ रहा है। यात्री, मजदूर और आम नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल महंगा होने से रोजमर्रा का खर्च संभालना और कठिन हो गया है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से महंगाई की दूसरी लहर आ सकती है। क्योंकि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन और सामान ढुलाई की लागत बढ़ जाती है, जिससे खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।

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