पाकिस्तान
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आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर है। यहां गेहूं के आटे की किल्लत और बढ़ गई है। पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन (पीएफएमए) ने कहा है कि आटा मिलों को घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक गेहूं नहीं मिलने से यह संकट बढ़ा है। देश में पिछले दिनों मुफ्त आटे के लिए मची भगदड़ों की वजह से 20 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। उधर आरोप-प्रत्यारोप के बीच पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाली अति आवश्यक मदद भी अटकी पड़ी है।
flour crisis in pakistan
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पाकिस्तान में क्या हो रहा है?
आर्थिक मोर्चे पर बदहाल पाकिस्तान के लिए हर बीतते दिन के साथ चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। देश में आटे की किल्लत बढ़ गई है। कराची में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी आमिर अब्दुल्ला ने कहा कि आटे का संकट और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सिंध सरकार आटा मिलों को उतनी मात्रा में गेहूं की आपूर्ति नहीं कर रही है, जितना उसने वादा किया था।
उन्होंने कहा कि दो हफ्ते पहले, सिंध खाद्य विभाग ने गेहूं के आटे की कमी से बचने के लिए सिंध प्रांत की 92 मिलों को 50 लाख गेहूं बैग की आपूर्ति करने का वादा किया था। हालांकि, खाद्य विभाग ने 100 किलो गेहूं के 5,52,000 बैग के लिए चालान जारी किया है, जबकि 100 किलो गेहूं के 9,00,000 बैग का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि जारी किए गए चालानों में से पिछले दो सप्ताह के दौरान करीब 2,50,000 बोरी गेहूं जारी किया गया है।
पाकिस्तान में आटा के लिए हाहाकार
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आटा संकट कितना गहरा है?
पीएफएमए प्रमुख अब्दुल्ला ने बताया कि गेहूं की अनुपलब्धता के कारण करीब 30 से 40 प्रतिशत मिलों ने काम करना बंद कर दिया है। अब्दुल्ला के मुताबिक, कराची की आधी आटा चक्कियों में गेहूं खत्म हो गया है, बाकी चक्कियां सिर्फ 3 से 4 घंटे आटा पीस रही हैं।
उन्होंने कहा कि घरेलू मांग को पूरा करने और कमी से बचने के लिए बिना किसी रुकावट के सिंध से कराची तक गेहूं की आवाजाही की अनुमति दी जानी चाहिए। पीएफएमए पदाधिकारी ने यह भी कहा कि अगर हमारी जायज मांगें नहीं मानी गईं तो हम कुछ दिन बाद अपनी अगली कार्ययोजना की घोषणा करेंगे।
pakistan flour crisis
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संकट का असर क्या होगा?
वहीं, पीएफएमए के उपाध्यक्ष हनीफ थारा ने कहा कि कराची में आटे की कमी है और गेहूं के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। 48 घंटे के अंदर गेहूं की आपूर्ति नहीं हुई तो अगले सप्ताह आटे की कीमत 200 रुपए किलो तक पहुंच जाएगी। अभी इसकी कीमत 120 से 135 रुपये किलो है। थारा की मानें तो आटा मिलों में एक-दो दिन का गेहूं का स्टॉक है और शहर की सभी मिलें दो मई से गेहूं नहीं मिलने के कारण बंद हो जाएंगी।
पीएफएमए के अध्यक्ष चौधरी आमिर अब्दुल्ला ने घरेलू मांग को पूरा करने के लिए गेहूं के आयात का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार की तुलना में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं सस्ता है। रूस से 93 रुपये प्रति किलो गेहूं आयात किया जा सकता है जबकि स्थानीय गेहूं 120 रुपये प्रति किलो है।
शहबाज शरीफ, आईएमएफ
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आईएमएफ के बेल आउट पैकेज का क्या हुआ?
फौरी तौर पर पाकिस्तान को आर्थिक संकट से निकलने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मदद जरूरी है। हालांकि, आईएमएफ और पाकिस्तानी अधिकारी आईएमएफ बेलआउट पैकेज की बकाया नौवीं समीक्षा को पूरा करने में देरी के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। नौ फरवरी को इस्लामाबाद में बातचीत पूरी होने के लगभग 80 दिनों के अंतराल के बाद रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू किया है।
पाकिस्तान आया आईएमएफ का एक प्रतिनिधिमंडल
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क्यों रुका है आईएमएफ कार्यक्रम?
नौवीं समीक्षा को पूरा करने के लिए दोनों पक्ष अब तक एक कर्मचारी-स्तरीय समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर सके हैं। आईएमएफ कार्यक्रम के तहत दसवीं समीक्षा तीन फरवरी को होनी थी लेकिन वह भी नहीं हो सकी। आईएमएफ के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से अतिरिक्त जमा में $ 3 बिलियन की गारंटी देने के बावजूद वे अभी भी विदेशी फंडिंग की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि, इसकी पुष्टि के बिना ऋणदाता सौदा नहीं करना चाहता है। दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारियों ने तर्क दिया कि संस्था उनके साथ राजनीति कर रही है क्योंकि समझौते पर बहुत पहले हस्ताक्षर किए जाने चाहिए थे।