पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई के लिए ‘रिलीज फोर्स’ बनाने के एलान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। रक्षा मंत्री खैबर पख्तूनख्वा ने इसे गैरकानूनी बताया और कहा कि सिर्फ संघीय सरकार को ही फोर्स बनाने का अधिकार है। इसके साथ ही ख्वाजा आसिफ ने खान को विदेश भेजने को लेकर भी सरकार का रुख साफ किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
दो साल से ज्यादा समय से जेल में बंद पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की तरफ से घोषित ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद खतरे में है और वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि संघीय सरकार के अलावा किसी को भी किसी तरह की फोर्स बनाने का अधिकार नहीं है।
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री अफरीदी ने 18 फरवरी को ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक ने उन्हें सड़क आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी है। अफरीदी ने आरोप लगाया कि अदालतों के आदेशों को नजरअंदाज किया जा रहा है और इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही।
रक्षा मंत्री ने साफ किया सरकार का रुख
हालांकि, रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि इमरान खान को विदेश भेजने या उनके इस्लामाबाद स्थित घर बनी गाला में शिफ्ट करने को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग ऐसी बातें करके अपना राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं।