पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने हाफिज सईद के घर के बाहर जून 2021 के बम धमाके के मामले साजिश रचने के लिए तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाफिज सईद मुंबई के 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड है और पाकिस्तान में जमात-उद-दावा संगठन का प्रमुख है।
जोहर टाउन में आतंकी सईद के घर के नजदीक 23 जून 2021 को एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। पिछले साल लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने इसी मामले में चार अन्य लोगों को मौत की सजा सुनाई थी।
अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि एटीसी-1 लाहौर ने जौहर टाउन बस विस्फोट मामले में समीउल हक, उजैर अकबर और नवीद अख्तर को मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों को पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है।
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उन्होंने कहा, दोषियों को आजीवन कारावास और 10 साल के कठोर कारावास की सजा काटनी होगी जो साथ-साथ चलेगी। न्यायाधीश अबेर गुल खान ने यह फैसला सुनाया।अधिकारी ने कहा कि तीनों दोषी मुख्य संदिग्धों के मददगार थे।
जनवरी 2022 में एटीसी लाहौर ने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ईद गुल, पीटर पॉल डेविड, सज्जाद शाह और जियाउल्लाह को इसी तरह के नौ मामलों में मौत की सजा सुनाई थी। एक अन्य संदिग्ध आयशा बीबी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
आतंक रोधी विभाग (सीटीडी) के मुताबिक, ईद गुल ने विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार में विस्फोटक लगाए थे। कार पीटर पॉल डेविड की थी और अन्य तीन सज्जाद शाह, जियाउल्लाह और आयशा सूत्रधार थे। पंजाब सरकार ने विस्फोट में शामिल सभी दस संदिग्धों के नेटवर्क का पता लगाने का दावा किया था।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी सईद (72 वर्षीय) को जुलाई 2019 में आतंकवाद के वित्तपोषण के मामलों में गिरफ्तार किया गया था। सईद के नेतृत्व वाला जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का मुखौटा संगठन है, जो 2008 के मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है।