पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए मंगलवार को राहतभरी खबर आई। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने अपने फैसले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख को 13 मार्च को जिला और सत्र अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। उन्होंने खान के वकील की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मामले में अदालत के समक्ष पेश होने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया था।
रअसल, इमरान खान को आज इस्लामाबाद की जिला और सत्र न्यायालय में पेश होना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वे एक बार फिर कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। दावा किया जा रहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री के वकील शेर अफजाल मारवात अदालत में पेश हुए और बताया कि 70 वर्षीय इमरान खान वजीराबाद हमले के बाद अस्वस्थ हैं और आने में अक्षम हैं। मारवात ने अदालत से मामले में सुनवाई के लिए अगले सप्ताह कोई तारीख देने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी बताया कि इमरान खान एक-दो दिन में पावर ऑफ अटॉर्नी देंगे।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को इस्लामाबाद की एक जिला और सत्र अदालत से करारा झटका लगा था। कोर्ट ने सोमवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें तोशखाना मामले में उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने की मांग की गई थी।
दरअसल, 28 फरवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने तोशखाना मामले में लगातार अदालत में पेश नहीं होने पर पूर्व प्रधानमंत्री का गैर जमानती वारंट जारी किया था। अदालत के आदेश के अनुसार रविवार को इस्लामाबाद पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तारी वारंट पर कार्रवाई करने के लिए एक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जमान पार्क पहुंची। हालांकि, इमरान की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
इस बीच इस्लामाबाद पुलिस ने एक अलग मामले में सोमवार को तोशाखाना मामले में इमरान खान के खिलाफ अदालती आदेश को लागू करने से कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारियों को रोकने के लिए पूर्व पीएम और उनकी पार्टी के 150 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया