फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (FIA) ने नवंबर 2020 में शहबाज शरीफ और उनके बेटों के खिलाफ 16 बिलियन से अधिक के धन शोधन के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में बुधवार को उनको रिहा कर दिया गया।
करोड़ों डॉलर के धनशोधन के मामले में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा अंसारी को बड़ी राहत मिली है। फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी की एक विशेष अदालत ने बुधवार को उन्हें और उनके बेटे हमजा शहबाज को करोड़ों डॉलर के धनशोधन मामले में बरी कर दिया। उनके खिलाफ नवंबर 2020 में एफआईए मे मामला दर्ज किया था।
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पीएम शहबाज शरीफ के वकील अमजद परवेज ने सोमवार को अदालत में अंतिम दलील देते हुए बताया कि एफआईए के पास उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के किसी गवाह ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ गवाही नहीं दी। अभियोजन पक्ष याचिकाकर्ताओं और बेनामी (प्रॉक्सी) बैंक खातों के बीच कोई संबंध स्थापित करने में सफल नहीं हो पाय।
अदालत के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष न्यायाधीश सेंट्रल (लाहौर) एजाज हसन अवान ने 16 बिलियन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बेटे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हमजा शहबाज को राहत दी है। उन्होंने कहा कि मामले में जांच के दौरान पीएम शहबाज शरीफ और हमजा अंसारी के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। बता दें कि इस मामले में अदालत पहले ही शहबाज के छोटे बेटे को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। शहबाज शरीफ के छोटे बेटे सुलेमान शहबाज 2019 से यूके में फरार की हालत में रह रहे हैं।
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अदालत के फैसले के बाद पीएमएल-एन ने खुशी जाहिर की है। पीएमएल-एन ने ट्वीट करके विरोधियों पर निशाना भी साधा है। पार्टी ने लिखा कि राजनीतिक उत्पीड़न के लिए बनाया गया एक और मनगढ़ंत मामला अनिवार्य रूप से समाप्त हो गया। इस बीच, संघीय गठबंधन सरकार के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने शरीफ परिवार को भ्रष्टाचार के मामलों में दोषसिद्धि से बचाया है।
गौरतलब है कि फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (FIA) ने नवंबर 2020 में शहबाज और उनके बेटों के खिलाफ 16 बिलियन से अधिक के धन शोधन के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।