पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में चल रहे अल्पसंख्यकों के जबरन धर्म परिवर्तन पर अंकुश लगाने को एक संसदीय समिति गठित की है। शनिवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह 22 सदस्यीय समिति कट्टर मुस्लिम बहुल देश में अल्पसंख्यकों का जबरन धर्म परिवर्तन रोकने और उनके अधिकारों का संरक्षण करने वाले एक कानून का खाका तैयार करेगी।
सितंबर महीने में सिंध प्रांत में एक हिंदू युवती का अपहरण करने के बाद इस्लाम कबूलवाने का मामला वैश्विक स्तर पर चर्चा का मुद्दा बना था। इसके खिलाफ सिंध में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।
माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर हुई किरकिरी के चलते इस घटना के बाद ही यह कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले जुलाई में सिंध विधानसभा ने ही सर्वसम्मति से हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन और अपहरण को रोकने तथा ऐसा करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का संकल्प प्रस्ताव पारित किया था।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के मुताबिक, हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण व जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करने की सबसे ज्यादा घटनाएं सिंध प्रांत में ही हो रही हैं। पिछले साल ही वहां पर 1000 से ज्यादा ऐसे मामले दर्ज किए गए थे।