पाकिस्तान ने गुरुवार को पुष्टि करते हुए कहा कि वह भारत द्वारा आयोजित वर्चुअल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा। हालांकि, एससीओ की बैठक में पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधि का खुलासा नहीं किया है।
भारत चार जुलाई को वर्चुअल तरीके से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। पाकिस्तान ने गुरुवार को पुष्टि करते हुए कहा कि वह भारत द्वारा आयोजित वर्चुअल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा। हालांकि, एससीओ की बैठक में पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधि का खुलासा नहीं किया है।
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विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच से साप्ताहिक ब्रीफिंग में शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में भागीदारी के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, हमें शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की चार जुलाई को होने वाली वर्चुअल बैठक के लिए भारतीय प्रधानमंत्री से आधिकारिक निमंत्रण मिला है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा, लेकिन हम आने वाले दिनों में अपने प्रतिनिधि के बारे में घोषणा करेंगे।
एससीओ की स्थापना रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में की गई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में स्थायी सदस्य बने। भारत को 2005 में एससीओ में एक पर्यवेक्षक बनाया गया था और आम तौर पर समूह की मंत्री स्तरीय बैठकों में भाग लिया था, जो मुख्य रूप से यूरेशियन क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित था।
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क्रिकेट को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए
विश्व कप के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भारत दौरे के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि राजनीति को खेल के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि भारत की पाकिस्तान में क्रिकेट न खेलने की नीति निराशाजनक है। हम पाकिस्तानी क्रिकेटरों की सुरक्षा स्थिति सहित विश्व कप में भागीदारी से संबंधित सभी पहलुओं का अवलोकन और मूल्यांकन कर रहे हैं। साथ ही समय पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से विचार विमर्श करेंगे।