पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच अस्थिर सीमा पर आम लोगों के इलाकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इस हमले में कई अफगान नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने पाकिस्तान के हवाई हमले पर चिंता जाहिर की है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में फाउंडेशन ने लिखा कि पाकिस्तान के हवाई हमले में एक आम नागरिक के घर को निशाना बनाया गया, जिसमें परिवार के 16 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में नवजात बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं।
पाकिस्तान का दावा- आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया
वहीं पाकिस्तान सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर बताया कि सीमा क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक गुट के ठिकानों पर भी प्रहार किया गया। काबुल ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में रिहायशी जगहों पर हमला हुआ।
अफगान सरकार के मुताबिक, बमबारी में दर्जनों लोग मारे गए या घायल हुए। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, 'पिछली रात, उन्होंने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे आम लोगों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए।'
अफगानिस्तान के पक्तिका में मदरसे पर हमला, कई जिलों में एयरस्ट्राइक
अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक धार्मिक मदरसे पर पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा हवाई हमला किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों ने बरमल के अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक पक्तिका के बरमल और अर्गुन तथा नंगरहार के खोगयानी, बहसूद और गनी खेल जिलों में कई हवाई हमले किए गए हैं।
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हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई
- यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है।
- बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए।
- तरार ने कहा कि इस कार्रवाई में इस्लामिक स्टेट ग्रुप के एक कथित सहयोगी को भी निशाना बनाया गया। इसने हाल ही में इस्लामाबाद में मस्जिद पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। मस्जिद पर हुए हमले में 31 लोग मारे गए थे और 160 से ज्यादा घायल हुए थे।
- यह घटना 2008 में मैरियट होटल में हुए बम धमाके के बाद से पाकिस्तानी राजधानी में हुए सबसे खतरनाक हमलों में से एक थी।
- पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।
अफगान धरती से साजिश का आरोप
अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि हाल के हमले, जिनमें इस महीने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हुआ आत्मघाती हमला भी शामिल है, अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व के इशारे पर अंजाम दिए गए। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगान क्षेत्र से संचालित हो रहा है, हालांकि काबुल और टीटीपी दोनों इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
बढ़ता सीमा तनाव
2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। अक्तूबर में सीमा पर झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम तो कायम है, लेकिन स्थायी समझौता अब तक नहीं हो सका है।