पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष चौधरी परवेज इलाही ने शनिवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) के तहत अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने पाक मीडिया के हवाले से यह जानकारी दी।
पाक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही ने अपने वकील अब्दुल रज्जाक के माध्यम से अपनी हिरासत को चुनौती दी है। उन्होंने अदालत में दायर याचिका में गृह सचिव, आईजी पुलिस और अन्य को प्रतिवादी बनाया है। इलाही ने अदालत से एमपीओ के तहत अपनी गिरफ्तारी को रद्द करने और तत्काल रिहाई का आदेश देने का अनुरोध किया है।
इस्लामाबाद पुलिस द्वारा शनिवार को दोबारा गिरफ्तार करने के बाद उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अटक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। इस्लामाबाद ले जाए जाने के तुरंत बाद, इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ने पाकिस्तान मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) के तहत उन्हें 15 दिनों के लिए हिरासत में लेने का आदेश दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद प्रशासन ने आदेश जारी किया और कहा कि चौधरी परवेज इलाही के कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है क्योंकि वह पीटीआई के प्रमुख पदाधिकारी हैं। इस्लामाबाद पुलिस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इलाही की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए लिखा, जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर परवेज इलाही को तीन एमपीओ के तहत गिरफ्तार किया गया है। परवेज इलाही को जेल में स्थानांतरित किया जा रहा है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी उस वक्त की गई जब लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को चौधरी परवेज इलाही को रिहा करने का निर्देश दिया। इलाही ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के एनएबी के कदम के खिलाफ याचिका दायर की थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाही को अदालत में पेश किए जाने के बाद लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमजद रफीक ने फैसले की घोषणा की। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति रफीक ने एनएबी को चेतावनी दी कि अगर इलाही को आज अदालत के सामने पेश नहीं किया गया तो अदालत जवाबदेही निकाय के महानिदेशक के खिलाफ वारंट जारी करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी की पूरी जांच की जाएगी।
न्यायाधीश रफीक ने कहा, मैं परवेज इलाही को तत्काल आधार पर रिहा करने का आदेश दे रहा हूं। 29 अगस्त को पंजाब के पूर्व सीएम ने अपनी हिरासत को चुनौती देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि उनकी गिरफ्तारी ने एलएचसी के आदेशों का उल्लंघन किया है। एलएचसी के आदेश में अधिकारियों को किसी भी अज्ञात एफआईआर या लंबित जांच में इलाही को गिरफ्तार करने से प्रतिबंधित किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एनएबी ने चौधरी परवेज इलाही पर पाकिस्तान के गुजरात शहर में 200 से अधिक विकास परियोजनाओं में बिचौलियों के माध्यम से एक अरब पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) से अधिक रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। शुरुआत में इलाही को गुजरात जिले के लिए घोषित विकास निधि के गबन से जुड़े सात करोड़ पीकेआर के भ्रष्टाचार मामले में एक जून को उनके घर के बाहर गिरफ्तार किया गया था। तब से वह विभिन्न आरोपों में जेल में बंद हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पीटीआई अध्यक्ष को कई बार रिहा किया जा चुका है। हालांकि, हर बार उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।