पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने रविवार को औपचारिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ उनके ऑडियो लीक मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मंजूरी दे दी है। ऑडियो लीक में उन्हें कथित तौर पर विवादास्पद अमेरिकी साइबर पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है।
ऑडियो लीक मामले का संज्ञान लेते हुए 30 सितंबर को कैबिनेट ने एक समिति का गठन किया। जिसके बाद समिति ने खान और अन्य पर ऑडियो लीक पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की। कैबिनेट समिति ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, जिसका राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कैबिनेट ने रविवार को सर्कुलेशन के जरिए इसे मंजूरी दी। जांच एजेंसी को अमेरिकी साइबर और ऑडियो की जांच का काम सौंपा जाएगा।
लीक हुई दो ऑडियो में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, पूर्व मंत्री असद उमर और तत्कालीन सैद्धांतिक सचिव आजम खान को कथित तौर पर एक बैठक में अमेरिकी साइबर पर चर्चा करते हुए और अपने हित में इसका उपयोग करते हुए सुना गया। इमरान खान ने अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू पर अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत असद मजीद को धमकी देने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि उनकी सरकार गिराने में जो साजिश रची गई थी उमसें लू केंद्रीय भूमिका में थे।
इमरान खान को अविश्वास मत हारने के बाद अप्रैल में सत्ता से बाहर कर दिया गया था। जिस पर उन्होंने आरोप लगाया था कि रूस, चीन और अफगानिस्तान को लेकर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। इस साजिश में अमेरिका ने अगुवाई की थी।