पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। सिंध प्रांत के डिप्लो शहर में धर्मांतरण के विरोध में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), अवामी तहरीक और कुछ अन्य दल सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान शहर में सभी व्यापारिक और वाणिज्यिक गतिविधियां बंद रहीं। इस हड़ताल का आह्वान नौजवान इत्तेहाद ने एक हिंदू महिला के कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर किया।
हिंदू महिला सुमन लोहाना के अपने दोस्त सज्जाद माहर से शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन करने की खबरों पर विरोध शुरू हुआ। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाओं में वृद्धि के विरोध में आयोजकों ने शहर के मुख्य चौक से एक रैली निकाली। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, रमेश असरानी, अरबाब इमरान, अरबाब समीउल्लाह, इमरान बागी, अधिवक्ता कीमत राय और अन्य के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कस्बे के मुख्य चौक पर एकत्रित होने से पहले विभिन्न सड़कों पर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और हिंदू महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भूमि विवाद, हत्या, अपहरण और अन्य संवेदनशील मुद्दों से संबंधित मामलों को लेकर जिरगा पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया, जिसमें कम उम्र की लड़कियों को पीड़ित पक्ष के पुरुषों को दंड के रूप में सौंपना शामिल है।
प्रेम में फंसाकर इस्लाम कबूल कराने को किया मजबूर
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि घोटकी जिले के सज्जाद महार ने डिप्लो शहर निवासी हिंदू सुमन लोहाना को प्रेमजाल में फंसाया और फिर उसे शादी के लिए इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मांतरण और शादी का कुछ धार्मिक व्यक्तियों ने स्वागत किया। प्रदर्शनकारियों ने इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गैरकानूनी, अनैतिक और अमानवीय फरमानों की आलोचना की।
आत्महत्या करने को मजबूर अल्पसंख्यक
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले भी कई हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन किया गया और कई ने रहस्यमय परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने विशेष रूप से थारपारकर जिले में हिंदू महिलाओं की आत्महत्या के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने धर्म परिवर्तन और आत्महत्या के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।