पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर पर पाबंदी का मामला गरमाता जा रहा है। पाकिस्तान के एक प्रमुख निजी टीवी चैनल ने कहा है कि उसके विशेषज्ञों की टीम एक सहकर्मी पत्रकार पर हमले को लेकर एक शक्तिशाली प्रतिष्ठान के खिलाफ मीर के भाषण की जांच करेगी। मीर को न्यूज चैनल पर एक लोकप्रिय टॉक शो प्रस्तुत करने से रोक दिया गया है।
मीर ने इस्लामाबाद में शुक्रवार को पत्रकार असद तूर पर तीन 'अज्ञात' लोगों द्वारा हमला किए जाने के खिलाफ पत्रकारों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में तीखा भाषण दिया था। उन्होंने हमले को लेकर जवाबदेही की मांग की और कहा कि देश की सेना की आलोचना करने वाले मीडियाकर्मियों पर इस तरह के कई हमले हुए हैं।
मीर को पाकिस्तान के जियो टीवी द्वारा 'कैपिटल टॉक शो' पेश करने से रोकने के बाद सोमवार को छुट्टी पर भेजा गया है। हालांकि टीवी चैनल ने दावा किया है कि वह अब भी न्यूज चैनल का हिस्सा हैं। मीर को कार्यक्रम पेश करने से रोकने को लेकर चैनल को सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बाद उसने बयान जारी किया।
चैनल ने मंगलवार को कहा कि 'संपादकीय समिति और वकील कानून और नीति के उल्लंघन की जांच करेंगे। इस बीच, अस्थायी प्रस्तोता द्वारा 'कैपिटल टॉक' की मेजबानी की जाएगी। चैनल ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के पक्ष में खड़े होने के लिए उसे पूर्व में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
घिरी इमरान सरकार, हो रही आलोचना
पत्रकार हामिद मीर को कार्यक्रम पेश करने से रोकने को लेकर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सवालों के घेरे में आ गए हैं। इमरान व बाजवा की निंदा हो रही है। पाक के विपक्षी दल, एमनेस्टी इंटरनेशनल, मानवाधिकर संगठन, फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट ने मीर पर पाबंदी का विरोध किया है।
मैनेजमेंट ने कहा ऊपर से दबाव है : मीर
उधर, अलजजीरा से बातचीत में मीर ने कहा कि जियो टीवी प्रबंधन ने उन्हें बताया कि वो इस कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर पाएंगे। प्रबंधन का कहना है कि उस पर ऊपर से बहुत दबाव है। हालांकि प्रबंधन ने इसका खुलासा नहीं किया उस पर कौन दबाव डाल रहा है।