अफगानिस्तान स्थित संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के अनुसारबीते सप्ताह तीन दिनों में हिंसा की सात वारदातें हुईं। इनमें 23 लोगों की मौत हो गई और 49 घायल हुए हैं। टोलोन्यूज के अनुसार ये हमले कंधार, हेलमंड, उरुजगन, साड़ी पुल, परवान और कपिसा प्रांतों में हुए। दरअसल अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अभी अमेरिकी फौज की पूरी वापसी नहीं हुई है। पूरी वापसी के बाद हालात और खराब होने की आशंका है।
अमेरिकी सेना की वापसी से बिगड़े हालात
अमेरिकी सेना की वापसी शुरू होने बाद अफगानिस्तान के ये हालात देश में पहले से खराब सुरक्षा स्थिति बताते हैं। देश के गृह मंत्रालय के मुताबिक पिछले माह तालिबान हमलों में 248 लोग मारे गए और 527 लोग जख्मी हुए। माना जा रहा है कि अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी के बाद हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
बस में हुआ आईईडी धमाका, तीन मरे
टोलोन्यूज के मुताबिक, इन घटनाओं में परवान प्रांत के एक विश्वविद्यालय में व्याख्याताओं व कर्मचारियों को ले जा रही एक बस में आईईडी धमाका शामिल है, जिसमें तीन लोग मारे गए।
शादी वाले घर में दागा मोर्टार, 10 की मौत
शिरजाद जिले में दो अन्य नागरिकों की मौत हुई जबकि पूर्वोत्तर प्रांत कपिसा में एक शादी वाले घर पर मोर्टार दागने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। इसके अलावा फराह प्रांत में एक विवि कर्मचारी की मौत हो गई और काबुल में एक सरकारी कर्मचारी व उसके ड्राइवर की मौत हो गई। अधिकारियों और अन्य स्रोतों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, हेलमंड, हेरात, बड़गी और पक्तिया प्रांतों में हुई झड़पों में सुरक्षा बल के 12 सदस्य मारे गए और छह अन्य घायल हो गए।