फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: बलूच नेता दीन मोहम्मद की गुमशुदगी 17 साल बाद भी पहेली, दुनिया के निशाने पर क्यों आया पाकिस्तान?

Mon, 29 Jun 2026 01:44 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, डबलिन

सार

बलूच लोगों पर पाकिस्तान की ज्यादती किसी से छिपी नहीं हैं। अब यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगा है। दुनियाभर में फैले बलूच अधिकार कार्यकर्ता इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं। अब दीन मोहम्मद की गुमशुदगी का मामला उठा है। 
विज्ञापन
पाकिस्तान परलगे लोगों की हत्या और लोगों को जबरन अगवा करने के आरोप - फोटो : आईएएनएस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं ने बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मी दीन बलोच के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके पिता दीन मोहम्मद बलोच के 17 वर्षों से गुमशुदगी मामले पर चिंता जताई है। दीन मोहम्मद बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं। आयरलैंड स्थित मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने बताया कि 28 जून 2009 को बलूचिस्तान के खुजदार जिले से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा दीन मोहम्मद को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन


पाकिस्तान पर क्या लगे आरोप?
  • संगठन ने कहा कि एक पिता की तलाश से शुरू हुआ यह संघर्ष अब पाकिस्तान में बलूच कार्यकर्ताओं की जबरन गुमशुदगी के खिलाफ सबसे प्रमुख आंदोलनों में से एक बन चुका है। 
  • फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने अपने बयान में कहा, 'बलूचिस्तान में कई वर्षों से जबरन गुमशुदगी को दमन के एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। लापता लोगों के परिवारों खासकर माताओं, बहनों, पत्नियों और बेटियों को भी प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।'
  • संगठन ने आरोप लगाया कि सम्मी दीन बलोच के घर पर कई बार छापे मारे गए, उनकी निगरानी की गई, उनके खिलाफ ऑनलाइन दुष्प्रचार किया गया और मानवाधिकार गतिविधियों के कारण उन्हें कई बार मनमाने ढंग से गिरफ्तार भी किया गया।
  • फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने पाकिस्तान सरकार से दीन मोहम्मद की जानकारी सार्वजनिक करने, उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने तथा सम्मी दीन और अन्य प्रभावित परिवारों के खिलाफ उत्पीड़न, निगरानी और बदले की भावना से की जा रहीं कार्रवाईयों को रोकने की मांग की।

दुनियाभर में उठा पाकिस्तान की ज्यादती का मुद्दा
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी दीन मोहम्मद की 17 वर्षों से गुमशुदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन ने कहा कि 28 जून 2009 को उन्हें खुजदार सिविल अस्पताल से उठाया गया था और अदालतों में कई याचिकाएं, अधिकारियों से अपील तथा परिवार के लंबे अभियान के बावजूद आज तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। इस बीच, बलूच नेशनल मूवमेंट ने ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया में विरोध प्रदर्शन कर दीन मोहम्मद की कथित गुमशुदगी के मुद्दे को उठाया।
विज्ञापन


बीएनएम ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी अब एक संगठित सरकारी नीति का रूप ले चुकी है, जिसके कारण हजारों बलूच परिवार प्रभावित हुए हैं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी निशाना बनाया जा रहा है। दक्षिण कोरिया में आयोजित प्रदर्शन के दौरान बीएनएम कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि दीन मोहम्मद पिछले 17 वर्षों से पाकिस्तान सेना की हिरासत में हैं। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बलूचिस्तान के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह बलोच और बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (बीएसओ) अध्यक्ष बलोच कादिर को गोपनीय मुकतमेबाजी के जरिए सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने बलूच लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें