सोमवार को हुई एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान की ओर से पेश की गई रिपोर्ट की समीक्षा की गई और पाया गया कि टास्क फोर्स की ओर से दिए गए 27 सूत्री कार्ययोजना में से पाकिस्तान ने 14 पर गंभीरता से अमल किया है।
पेरिस में एक हफ्ते तक चलने वाली टास्क फोर्स की बैठक में फिलहाल पाकिस्तान की कोशिशों पर संतोष जताया गया है। कहा गया है कि इससे यह पता चलता है कि पाकिस्तान आतंकी फंडिग पर रोक लगाने को लेकर किस हद तक गंभीर है। अब इस बैठक में यह तय किया जाना बाकी है कि क्या पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकाल कर व्हाइट लिस्ट में वापस लाया जाए या फिर अगले कुछ महीनों तक उसपर निगरानी रखने और दबाव बनाए रखने के लिए उसे अभी इसी लिस्ट में बरकरार रखा जाए।
इसके पहले पिछले साल अक्तूबर में हुई टास्क फोर्स की बैठक में भी पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग रोकने के लिए वहां के बैंक पर सख्ती बरतने के साथ ही पांच अन्य मामलों में कारगर कदम उठाने के लिए तारीफ की गई थी। जबकि जनवरी में चीन में हुई टास्क फोर्स के ज्वाइंट ग्रुप की बैठक में भी पाकिस्तान ने मजबूती से अपना पक्ष रखा था।
बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पेरिस गया है। बैठक 16 से 21 फरवरी तक हो रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिन भी पाकिस्तान के लिए अहम होने वाले हैं।