पाकिस्तान ने एक बार फिर कर्ज में डूबी अपनी सरकारी एयरलाइन पीआईए को बेचने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने बीते साल भी अपनी सरकारी एयरलाइन को बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त सही खरीददार न मिलने के चलते पाकिस्तान की सरकार को सफलता नहीं मिल पाई थी। अब एक बार फिर से पाकिस्तान ने पीआईए को बेचने की कोशिश शुरू कर दी है।
साल 2024 में नहीं मिल पाया था कोई खरीददार
घाटे में चल रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को बेचने की कोशिश पाकिस्तान की सरकार वर्षों से कर रही है, लेकिन साल 2024 में इसे लेकर गंभीर प्रयास शुरू किए गए, लेकिन कोई बड़ा खरीददार नहीं मिलने के चलते पाकिस्तान की सरकार सफल नहीं हो सकी। पाकिस्तान के निजीकरण और निवेश मंत्री अब्दुल अलीम खान ने बीते महीने बताया था कि पीआईए के निजीकरण को मई तक पूरा कर लिया जाएगा। बुधवार को निजीकरण आयोग की इस मुद्दे पर बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के निजीकरण के मुद्दे पर सलाहकार मोहम्मद अली ने की। इस बैठक में ही अगले हफ्ते पीआईए की बिक्री प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया।
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कई वर्षों के घाटे के बाद बीते साल कमाया मुनाफा
पाकिस्तान की सरकार पीआईए के 51 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत शेयर बेचने पर विचार कर रही है। संभावित बोली दाताओं को चुनने के लिए पूर्व योग्यता मानदंडों को भी मंजूरी दी गई है। पीआईए ने करीब 21 वर्षों के बाद पहली बार साल 2024 में पहली बार लाभ प्राप्त किया। बीते साल पीआईए को करीब 2.26 अरब रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। पीआईए पिछले कई वर्षों से वित्तीय संकट से जूझ रही है। घाटे के चलते साल 2023 में पीआईए ने हजारों कर्मचारियों को वेतन ही नहीं मिल पाया था। साथ साल 2020 में सुरक्षा चिंताओं के चलते यूरोपीय संघ ने पीआईए पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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