जनरल असीम मुनीर ने कहा, 'मौजूदा झटकों से उबरने के बाद हम एक मजबूत राष्ट्र के तौर पर उभरेंगे। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को कमजोर करना देश को कमजोर करने के बराबर है।'
बांग्लादेश में हिंसा के बाद से पाकिस्तान के सेना प्रमुख लगातार बयान देकर अपने देश के लोगों को आगाह कर रहे हैं कि किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब अपने ताजा बयान में उन्होंने कहा है कि देश की ताकतवर सेना को कमजोर करने की कोई भी कोशिश देश को कमजोर करने के बराबर है। दरअसल पाकिस्तान बुधवार को अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी में आजादी परेड को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सेना के प्रमुख ने यह बात कही।
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'डिजिटल आतंकवाद से लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की हो रही कोशिश'
जनरल असीम मुनीर ने कहा, 'मौजूदा झटकों से उबरने के बाद हम एक मजबूत राष्ट्र के तौर पर उभरेंगे। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को कमजोर करना देश को कमजोर करने के बराबर है।' उन्होंने ये भी कहा कि विदेशी ताकतें 'डिजिटल आतंकवाद' का इस्तेमाल कर देश के संस्थानों और लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही हैं, ऐसे में राष्ट्रीय एकता कायम रखना बहुत जरूरी है। जनरल असीम मुनीर ने कहा कि 'देश का पाकिस्तानी सेना में अटूट विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। कोई भी नकारात्मक ताकत इस विश्वास और प्यार को न कमजोर कर पाई है और न ही भविष्य में कर सकेगी।'
जनरल मुनीर ने दी चेतावनी
असीम मुनीर ने कहा देश और सशस्त्र बलों के बीच आपसी समझ अहम होती है और ऐतिहासिक तौर पर हम बतौर राष्ट्र हमेशा चुनौतियों के बाद मजबूत होकर उभरते हैं। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि मतभेद और बंटवारा देश को अंदर से खोखला कर सकता है और इसके चलते सीमा पर संघर्ष देखने को मिल सकता है। जनरल मुनीर ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को खतरा बताया। जनरल मुनीर ने बीते हफ्ते ही इस्लामिक मौलवियों के एक सम्मेलन को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि देश में कोई भी अराजकता पैदा करने की कोशिश की गई तो सशस्त्र बल ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम कर देंगे और देश की एकता की रक्षा करेंगे।