Asim Munir in Davos: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की बैठक में जहां दुनिया के दिग्गज नेता अर्थव्यवस्था और भविष्य की चुनौतियों पर माथापच्ची कर रहे थे, वहीं पाकिस्तान के पावरफुल आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर अपनी एक खास जैकेट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए। स्विट्जरलैंड की हसीन वादियों में पाकिस्तानी जनरल का टहलना उनके लिए तब भारी पड़ गया, जब इंटरनेट की 'चील' जैसी नजरों ने उनके कोट के नीचे छिपे कूबड़ को पकड़ लिया।
भाईचारे की तस्वीर में 'बुलेटप्रूफ' ट्विस्ट
सोशल मीडिया पर मुनीर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी पीठ पर निकला हल्का कूबड़ देखकर लोग हैरान रह गए। इसके बाद से यूजर्स कई तरह के कयास लगाने लगे। दरअसल, मामला तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने दावोस से एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में पीएम शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर साथ-साथ पैदल चलते नजर आ रहे थे। डार शायद दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि पाकिस्तान की हुकूमत और फौज के बीच सब कुछ 'ऑल इज वेल' है, लेकिन जनता का ध्यान भाईचारे से हटकर जनरल साहब की पीठ पर टिक गया।
धुरंधर फिल्म देख ली क्या?
सोशल मीडिया यूजर्स ने मुनीर के पहनावे पर जूम किया और उनके ब्लेजर के नीचे कूबड़ की ओर इशारा किया। इसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि सेना प्रमुख स्विट्जरलैंड जैसे एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। स्विट्जरलैंड जैसे शांत और सुरक्षित देश में जनरल की इस एक्स्ट्रा सुरक्षा को देखकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए यहां तक कह दिया कि क्या जनरल साहब ने धुरंधर फिल्म देख ली क्या?
वहीं, दूसरे यूजर्स ने पूछा कि क्या जनरल साहब ने फ्लाइट में कोई तगड़ी एक्शन फिल्म देख ली थी, तो किसी ने उनके असहज बॉडी लैंग्वेज पर सवाल उठाए। चर्चा इस बात की भी रही कि दुनिया के बड़े मंच पर जहां बाकी नेता आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे थे, वहीं पाकिस्तानी आर्मी चीफ थोड़े घबराए हुए और असहज नजर आए।
कंगाली के बीच दानवीर बनने पर भी उठे सवाल
सिर्फ जैकेट ही नहीं, दावोस में पाकिस्तान की आर्थिक नीतियों को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। एक तरफ देश दाने-दाने को मोहताज है, वहीं दूसरी तरफ शहबाज सरकार ने बोर्ड ऑफ पीस के नाम पर 1 बिलियन डॉलर दान करने का ऐलान किया। इसे ट्रंप प्रशासन को खुश करने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान की जनता अब अपने हुक्मरानों से सवाल पूछ रही है कि जब तिजोरी खाली है, तो यह दानवीर बनने का शौक आखिर किसके लिए और क्यों? कुल मिलाकर, दावोस का यह दौरा पाकिस्तान के लिए निवेश लाने से ज्यादा अपनी किरकिरी कराने वाला साबित हो रहा है।
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पाकिस्तान में भी होती रही है आलोचना
यह पहली बार नहीं है जब जनरल मुनीर की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई हो। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी दावा किया कि वह पाकिस्तान में अपने मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में भी बुलेटप्रूफ कांच के पीछे ही रहते हैं। दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की फुटेज सामने आने के बाद पाकिस्तान सरकार और सेना के नेतृत्व को सोशल मीडिया पर काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।