पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पिछले कुछ दिनों के दौरान चलाए गए अभियानों में 73 आतंकवादी मारे गए। सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, पिछले 96 घंटों में क्वेटा, जियारत, नोश्की और टंप जिले के मंड इलाके में ये अभियान चलाए गए। सेना का कहना है कि कार्रवाई प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सदस्यों के खिलाफ की गई।
क्वेटा में क्या हुआ?
शाबान इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भारी गोलीबारी हुई। आईएसपीआर के मुताबिक, कई ठिकानों को खाली कराया गया और अभियान में 33 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। वहां से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद करने की बात भी कही गई है।
जियारत में कितने आतंकी मारे गए?
सेना के अनुसार, जियारत में अभियान 21 सितंबर को शुरू हुआ था। पिछले 72 घंटे में कार्रवाई तेज की गई और इसके बाद 23 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।
नोश्की और मंड में कितनी बड़ी कार्रवाई हुई?
आईएसपीआर के अनुसार, शुक्रवार को नोश्की जिले में अलग-अलग अभियानों में 11 आतंकियों को मार गिराया गया। इसके अलावा टंप जिले के मंड इलाके में छह आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। सेना के मुताबिक, मंड से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।
किन संगठनों को निशाना बनाया गया?
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में मारे गए आतंकियों को उन समूहों से जुड़ा बताया है जिन्हें वह ‘फितना अल खवारिज’ कहती है। पाकिस्तान इस शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी के लिए करता है।
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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर क्या आरोप लगाया?
आईएसपीआर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में अफगान तालिबान सरकार की संलिप्तता जारी है। सेना के मुताबिक, इससे लोगों की जान जा रही है और शांति तथा स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है। इस आरोप पर अफगान तालिबान सरकार की तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
राष्ट्रपति जरदारी ने कार्रवाई पर क्या कहा?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने बलूचिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को साफ किए जाने को बड़ी सफलता बताया। यह बयान सेना की ओर से 73 आतंकियों के मारे जाने के दावे के बाद आया है।
डुकी में 12 मजदूरों के साथ क्या हुआ?
बलूचिस्तान के डुकी जिले में एक अलग घटना ने सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंसूर बुजदार के मुताबिक, पलारी इलाके में एक निर्माण स्थल पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हमला किया और वहां काम कर रहे 12 मजदूरों को अगवा कर लिया। हमले में कितने सुरक्षा गार्ड प्रभावित हुए? पुलिस अधिकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य सुरक्षा गार्ड घायल हो गए।
बलूचिस्तान में हिंसा का पैटर्न क्या?
अफगानिस्तान की सीमा से लगा बलूचिस्तान लंबे समय से कई उग्रवादी संगठनों की हिंसा का सामना कर रहा है। यहां सक्रिय संगठन खदानों और निर्माण स्थलों को निशाना बनाते हैं और दूसरे प्रांतों से आए मजदूरों को अगवा करते हैं। हाल के समय में प्रांत में आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने वाली हिंसा में भी बढ़ोतरी हुई है।
एक तरफ पाकिस्तानी सेना ने चार इलाकों में अभियान चलाकर 73 आतंकियों को मारने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर डुकी में 12 मजदूरों के अपहरण की घटना सामने आई है। यानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ बलूचिस्तान में हिंसा और अपहरण की घटनाएं भी जारी हैं।