Pakistan Anti-Terrorism Court: पाकिस्तान के रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत से पीटीआई नेताओं को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि, इस दौरान जज ने कहा- आरोपियों ने जमानत का गलत इस्तेमाल किया है। इसमें पंजाब के पूर्व प्रांतीय मंत्री राजा बशारत समेत 16 पर गाज गिरी है।
पाकिस्तान के रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 16 नेताओं और कार्यकर्ताओं की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, पीटीआई नेताओं ने अपने खिलाफ 2023 में विरोध प्रदर्शनों को लेकर दर्ज मामलों पर ये जमानत याचिकाएं दायर की थीं। यह फैसला शनिवार को एटीसी न्यायाधीश अमजद अली शाह ने सुनाया। इस फैसले से पाकिस्तानी पुलिस के पीटीआई नेताओं के खिलाफ बगैर जमानत सुरक्षा के जांच आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
आरोपियों ने जमानत का गलत इस्तेमाल किया- जज
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अमजद अली शाह ने सारे तर्क और कानूनी साक्ष्य देखने के बाद यह कहते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं कि आरोपी अदालत की प्रक्रिया में सहयोग न करते हुए अंतरिम (अस्थायी) जमानत का गलत इस्तेमाल किया और अदालती कार्यवाही में बार-बार गैरहाजिर रहे। इससे जांच में बाधा आई, इसलिए अब उन्हें जमानत की सुरक्षा नहीं दी जा सकती। दरअसल, सुनवाई के दौरान सरकारी वकील जहीर शाह ने अदालत को बताया कि आरोपी चार महीने से ज्यादा वक्त से अंतरिम जमानत पर थे, लेकिन जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हो रहे थे और इससे जांच में रुकावट आ रही थी। जहीर ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि यह बर्ताव कानून का उल्लंघन है।
पूर्व प्रांतीय मंत्री राजा बशारत समेत 16 पर गिरी गाज
इसके मद्देनजर एटीसी ने पंजाब पीटीआई के पूर्व प्रांतीय मंत्री राजा बशारत, सनम जावेद, मशाल यूसुफजई और सीमाबिया ताहिर जैसे अहम नेताओं की जमानत याचिका खारिज कर दी। इनके साथ ही एटीसी ने पीटीआई कार्यकर्ताओं तैमूर मसूद, फहद मसूद, साद अली खान, राजा नासिर महफूज, जावेद कौसर, शाहबाज अहमद, मतिउल्लाह, नादिया खट्टक, उमर तनवीर बट, बाबर लोधी, निसार खान और अब्दुल वहीद को भी जमानत देने से इनकार कर दिया। एक समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों से उपजे कई मामलों में पीटीआई के इन नेताओं की संलिप्तता ने उन्हें जांच के दायरे में रखा है। ये सभी रावलपिंडी और अटक के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज कई मामलों से जुड़े हैं।