अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में पाकिस्तान की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। पाकिस्तान ने बुधवार को अफगाननिस्तान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' में 'अस्थायी विराम' की घोषणा की है। हालांकि इस फैसले के पीछे की वजह उसने ईद-उल-फितर के त्योहार को बताया है।
रिपोर्ट्स की मानें तो सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मित्र इस्लामी देशों ने भी इसके लिए अनुरोध किया था। इससे एक दिन पहले, अफगान सरकार ने काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों के मारे जाने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
क्या बोला पाकिस्तान?
सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक्स पर लिखा, आने वाले इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर को देखते हुए पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गजब-लिल-हक को अस्थायी तौर पर रोकने का फैसला किया गया है। यह एलान सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे इस्लामी देशों के अनुरोध पर किया गया है। यह रोक 18-19 मार्च की आधी रात से 23-24 मार्च की आधी रात तक लागू रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीमा पार से किसी भी हमले या पाकिस्तान के अंदर किसी भी आतंकवादी घटना की स्थिति में ऑपरेशन तुरंत फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
अब तक 684 अफगान तालिबान लड़ाकों की मौत
पाकिस्तान ने 26 फरवरी को 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर अफगान तालिबान बलों द्वारा कथित हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' शुरू किया था। पाकिस्तानी सरकार के अनुसार अब तक कम से कम 684 अफगान तालिबान कर्मी मारे गए हैं और 912 से अधिक घायल हुए हैं।
मारे गए थे 400 लोग
तालिबान अधिकारियों और स्थानीय मीडिया ने बताया था कि काबुल में एक बड़े नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोग मारे गए और कम से कम 250 लोग घायल हो गए। तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला रात करीब 9 बजे काबुल में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाकर किया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने कहा कि हमले से पूरे हॉस्पिटल में बहुत ज्यादा तबाही हुई है।
उप्रवक्ता फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान की सैन्य सरकार ने उम्मीद नाम के 2,000 बेड वाले वाले हॉस्पिटल पर बमबारी की। इससे हॉस्पिटल का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया और अनुमान से भी ज्यादा लोगों के मरने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मरने वालों की संख्या करीब 400 हो गई है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना की निंदा की और कहा कि मरने वालों में ज्यादातर कमजोर आम लोग थे।
उन्होंने लिखा, (पाकिस्तानी सैन्य समूह) की बमबारी की वजह से 2,000 बेड वाले हॉस्पिटल में कल रात ज्यादातर बेगुनाह आम लोग और नशे की लत वाले लोग मारे गए। सच में, हम ऊपर वाले के हैं और उन्हीं के पास लौटेंगे। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इमरजेंसी टीमें रात भर मौके पर पहुंचीं, जब बचाव दल हॉस्पिटल के खराब हिस्सों में तलाशी ले रहे थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफ जमान ने कहा कि कम से कम 170 घायल मरीजों को शुरू में पास की मेडिकल सुविधाओं में भेजा गया।
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अफगानिस्तान के दावों पर पाकिस्तान का पलटवार
अफगानिस्तान के इन दावों को खारिज करते हुए तरार ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, अफगान तालिबान सरकार ने एक अस्पताल पर हमले का झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की और इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के ऑपरेशन का मकसद आतंकवादियों के ठिकानों और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना है। तरार ने कहा, पाकिस्तान का रुख साफ है, आतंकवादियों के पनाहगाहों को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, जिन जगहों पर हमने हमले किए, वहां गोला-बारूद जमा था, और उसके बाद हुए धमाके इस बात का सबूत हैं।
मंत्री ने यह भी दावा किया कि अफगान तालिबान ने कथित हमलों से जुड़ी झूठी पोस्ट हटा दी हैं। उन्होंने कहा, अफगान तालिबान सरकार को गुमराह करने वाली पोस्ट हटानी पड़ीं। बुधवार को अफगानिस्तान में इस हमले में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार समारोह में बोलते हुए गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने इस हमले को मानवता और इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ एक बेहद घिनौना और नीच कृत्य बताया।