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Pakistan-Afghanistan: शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान ने की फायरिंग, तालिबान ने बताया आखिर क्यों नहीं दिया जवाब

Thu, 06 Nov 2025 11:12 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan-Afghanistan Peace Talks: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीजफायर वार्ता के बावजूद सीमा पर तनाव बढ़ गया है। अफगान तालिबान ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने स्पिन बोलदक में फायरिंग की है, जबकि बातचीत इस्तांबुल में चल रही थी। तालिबान ने अब तक जवाबी कार्रवाई नहीं की है। दोनों देशों के बीच पहले भी हिंसक झड़पों में 70 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। 
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान का झंडा - फोटो : Freepik
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विस्तार
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अफगान तालिबान ने गुरुवार को दावा किया कि पाकिस्तान ने स्पिन बोलदक इलाके में फायरिंग की है, जबकि इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता चल रही थी। तालिबान ने कहा कि उसने अब तक जवाबी कार्रवाई नहीं की है ताकि नागरिकों की जान को खतरा न हो और बातचीत की प्रक्रिया बाधित न हो।
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तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इस्तांबुल में तीसरे दौर की बातचीत के दौरान पाकिस्तानी सेना ने फिर गोलीबारी की, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि “बातचीत करने वाली टीम के सम्मान में और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमारी सेनाओं ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। मुजाहिद ने यह भी याद दिलाया कि पिछली वार्ता में दोनों पक्षों ने सीजफायर को जारी रखने और किसी भी आक्रामक कार्रवाई से बचने पर सहमति जताई थी।

पाकिस्तान ने दी सफाई
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा पर हल्के और भारी हथियारों से गोलाबारी की। पाकिस्तान ने इसे ‘मापी गई प्रतिक्रिया’ बताया और कहा कि गोलीबारी की शुरुआत अफगान क्षेत्र से हुई थी। दोनों देशों के बीच पिछले महीने सीमा पर हुए संघर्ष में 70 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें लगभग 50 अफगान नागरिक थे। संयुक्त राष्ट्र ने इसे हाल के वर्षों में सबसे घातक झड़पों में से एक बताया था।
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दोहा और इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता
दोनों देशों ने 19 अक्तूबर को कतर की राजधानी दोहा में सीजफायर पर सहमति जताई थी, लेकिन शर्तों को अंतिम रूप देने में मतभेद बने रहे। इसके बाद 25 अक्तूबर को इस्तांबुल में दूसरी वार्ता हुई और अब तीसरे दौर की बातचीत गुरुवार को शुरू हुई है। इस वार्ता में तुर्किये और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से बातचीत का नेतृत्व आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक कर रहे हैं, जबकि अफगान पक्ष से जनरल अब्दुल हक वासिक, उप गृहमंत्री रहमतुल्लाह नजीब और प्रवक्ता सुहैल शाहीन शामिल हैं।
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तुर्किये की मध्यस्थता से बची वार्ता
पिछली बातचीत में स्थिति गंभीर होती दिख रही थी, लेकिन तुर्किये की पहल से तीसरे दौर की वार्ता तय हो सकी। तुर्की विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने सीजफायर जारी रखने और निगरानी तंत्र बनाने पर सहमति जताई है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि अफगान भूमि से उसके खिलाफ आतंकी हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि अफगानिस्तान में टीटीपी के लड़ाकों को पनाह दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बात से समाधान नहीं निकला तो पाकिस्तान कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।


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