पाकिस्तान की सीनेट ने कश्मीर के पुलवामा जिले में हाल में भारतीय सुरक्षा बल द्वारा आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सर्वसम्मति से निंदा करते हुए मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया। बता दें कि शनिवार को पुलवामा में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ऑलआउट के तहत सेना के भगोड़े और मोस्टवांटेड हिजबुल कमांडर जहूर अहमद ठोकर समेत तीन आतंकियों को ढेर किया था। इस दौरान सात पत्थरबाज भी मारे गए थे।
रेडियो पाकिस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता शेरी रहमान की ओर से पेश प्रस्ताव में कश्मीरियों को 'नैतिक व कूटनीतिक समर्थन जारी रखने के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई गई। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह सीनेट में पारित पुराने प्रस्तावों को अमल में लाए और कश्मीर मुद्दे को सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने के लिए विशेष दूत नियुक्त करे।
कश्मीर विभाजन का अधूरा एजेंडा : राष्ट्रपति
वहीं पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अलवी ने मंगलवार को कहा कि 'जम्मू-कश्मीर, विभाजन का एक अधूरा एजेंडा है और पाकिस्तान कश्मीरियों के 'संघर्षों को नैतिक, कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन देना जारी रखेगा। अलवी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के हल के बिना क्षेत्र में शांति संभव नहीं है।