पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था, जिसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने एफ-16 सहित 24 लड़ाकू विमानों के साथ भारत में घुसने की कोशिश की थी।
भारत और पकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बीच झड़प के दौरान मिग-21 के गिरने के बाद पायलट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में उतर गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को हिरासत में ले लिया था। लेकिन एक मार्च को उन्हें भारत को वापस भी सौंप दिया था। अल्वी ने कहा कि भारत की कार्रवाई ने क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाला है। उन्होंने कहा, ‘‘ पाकिस्तान को बंटवारे से पहले की नजरों से देखना भारत की भूल होगी। ऐसा करना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक होगा।’’
अल्वी ने कहा, ‘‘ भारत को पाकिस्तान को वास्तविक रूप से स्वीकार करना होगा और इस निष्कर्ष पर पहुंचना होगा कि बातचीत के जरिए ही मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।’’ इस मौके पर मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद विशेष अतिथि थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व चाहता है लेकिन ‘‘ शांति की उसकी इच्छा को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए।’’