एक तरफ पाकिस्तान में कोरोना के हालात बेकाबू हो रहे हैं और इमरान सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री इमरान खान लोगों का दिल जीतने और उनके लिए तमाम फायदेमंद घोषणाएं करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
कोरोना से लड़ने में सरकार की नाकामी और रोजगार छिनने से लोग बेशक परेशान हों, पर प्रधानमंत्री इमरान खान देश के गरीबों को आर्थिक सुरक्षा देने और उनके बैंक खातों में कैश पहुंचाने के रास्ते तलाश रहे हैं। इसी के तहत ये एलान किया गया कि अब गरीबों के लिए अहसास इमरजेंसी कैश प्रोग्राम का दायरा और बढ़ाया जाए और इसके लिए राशि और बढ़ा दी जाए।
प्रधानमंत्री की विशेष सहायक और प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा और गरीबी हटाओ योजना की प्रभारी डॉ सानिया निश्तर ने एलान किया कि अहसास फंड का बजट 144 डालर से से बढ़ाकर 203 अरब डालर कर दिया गया है।
इस दौरान पाकिस्तान के सूचना मंत्री शिबली फराज ने कहा है कि हमारी इस योजना को दुनिया भर में सराहा जा रहा है और पाकिस्तान की सरकार की इस बात के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तारीफ हो रही है कि इतने कम वक्त में इतनी बड़ी योजना लागू करके लोगों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देना एक बड़ी पहल है।
डॉ सानिया निश्तर ने कहा है कि लोगों के खातों में कैश रुपये पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है और यह तबतक जारी रहेगा जबतक हरेक जरूरतमंदों के हाथ नकद पैसा नहीं पहुंच जाता। जाहिर है भारत में ऐसी तमाम योजनाएं चल रही हैं और प्रधानमंत्री जनधन योजना और प्रधानमंत्री की सामाजिक सुरक्षा की तमाम योजनाओं की कामयाबी के बाद तमाम पड़ोसी मुल्क इस फॉर्मूले के तहत काम कर रहे हैं।
अगर पाकिस्तान के गरीबों तक सचमुच ये धनराशि पहुंचती है और घोषणाएं महज कागजी नहीं रहती हैं, तो इससे वहां के अवाम में इमरान का भरोसा थोड़ा तो जरूर बढ़ेगा। हालांकि विपक्ष इसे महज दिखावा करार दे रहा है और कह रहा है कि अपनी नाकामी छुपाने के लिए इमरान ऐसे दिखावी हथकंडे अपना रहे हैं।