पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
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कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान भले ही दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है, लेकिन वह अपनी हरकतों बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर से कश्मीर का राग अलापा है। अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन को दिए साक्षात्कार में इमरान ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र करते हुए कहा कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई बैठक नहीं करेंगे।
इमरान ने कहा कि भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया है। इसके बाद तो मोदी के साथ बैठक का कोई सवाल ही नहीं उठता। कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनकी क्यों नहीं सुन रहा है? इस पर इमरान ने कहा कि विश्व के नेताओं की नजर भारत के 1.2 अरब लोगों के बाजार पर है। बड़ी आबादी (उपभोक्ता) और व्यापार के चलते विश्व समुदाय कश्मीर को तवज्जो नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के बड़े बाजार को ज्यादा अहमियत दी जा रही है, जो अच्छी चीज नहीं है। मुझे उम्मीद है विश्व समुदाय कश्मीर पर संज्ञान लेगा। इमरान ने कहा, ‘मैंने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक के दौरान विश्व के नेताओं को कश्मीर के हालात से अवगत कराया है। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नहीं चाहते। वह हमेशा कहते हैं कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है।
इमरान खान ने कहा कि जब भी हम उनसे बात करने की कोशिश करते हैं तब वह कश्मीर को आंतरिक मामला बताते हैं। इसलिए मैंने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में उठाया और मुझे लगता है कि मैं इसमें बहुत हद तक कामयाब रहा। मुझे उम्मीद है अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर पर संज्ञान लेगा और यह एक प्रमुख मुद्दा बनेगा।’