यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को रूस की ओर से सीधी शांति वार्ता की पेशकश का स्वागत किया। हालांकि, जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि बातचीत शुरू होने से पहले एक पूर्ण स्थायी युद्धविराम जरूरी है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बिना युद्ध विराम के वार्ता करने की पेशकश एक सकारात्मक संदेश है। पूरी दुनिया लंबे समय से इसका इंतजार कर रही थी। हालांकि, उसने यह भी कहा कि किसी भी युद्ध को वास्तव में खत्म करने का पहला कदम युद्धविराम ही होता है। इस बीच, रूस ने रविवार सुबह यूक्रेन पर बड़े पैमान पर ड्रोन हमले फिर शुरू कर दिए, क्योंकि उसकी ओर से घोषित 3-4 दिन का विराम समाप्त हो गया।
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रूस ने छह दिशाओं से दागे ड्रोन: यूक्रेनी वायु सेना
वहीं, यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने छह अलग-अलग दिशाओं से 108 हमलावर ड्रोन और कुछ नकली (सिम्युलेटर) ड्रोन लॉन्च किए। इनमें से 60 ड्रोन मार गिराए गए और 41 नकली ड्रोन यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।
खून-खराबा ठीक नहीं, युद्धविराम जरूरी: जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपना प्रस्ताव दोहराया कि सोमवार से बिना शर्त 30 दिनों का युद्धविराम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा, एक भी दिन के लिए और खून-खराबा जारी रखना ठीक नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि रूस 12 मई से एक पूर्ण, स्थायी और विश्वसनीय युद्धविराम की पुष्टि करेगा और यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है।
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पुतिन ने की सीधी वार्ता की पेशकश
वहीं दूसरी ओर, पुतिन ने मीडिया से बातचीत में युद्धविराम के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इसके बजाय गुरुवार को इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बिना किसी शर्त के सीधी वार्ता शुरू करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान युद्धविराम पर सहमति बन सकती है। पुतिन की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है, जब यूरोप के चार प्रमुख देशों के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर रूस 30 दिन में युद्धविराम को स्वीकार नहीं करता है तो उस पर दबाव बढ़ा जाएगा।
शांतिपूर्ण समाधान की इच्छा रखते हैं पुतिन: क्रेमलिन
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रविवार को रूसी सरकारी टीवी पर कहा कि पुतिन का प्रस्ताव बहुत गंभीर है और यह दर्शाता है कि वह एक शांतिपूर्ण समाधान की वास्तव में इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा, वार्ता का मकसद इस संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करना और साथ ही रूसी संघ के हितों की रक्षा करना है।