कश्मीर घाटी में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में व्यापक वैश्विक दुष्प्रचार के बीच, पाकिस्तान को शुक्रवार को उस वक्त बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब पता चला कि कई महीनों से पाकिस्तान में छिपी प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल बचकर निकलने में सफल रहीं। पाकिस्तान में जिंदगी को खतरा बताते हुए गुलालई ने अमेरिका में राजनीतिक शरण मांगी है।
इस्माइल ने तीन महीने पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में अपने दोस्तों के यहां गुजारे। इस दौरान ज्यादातर वह घर के अंदर ही रही। हालांकि, इस्माइल अभी भी इस्लामाबाद में रह रहे अपने माता-पिता के बारे में चिंतित हैं, जो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय मदद देने के आरोप और कड़ी नजरबंदी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने एक समाचार पत्र को साक्षात्कार के दौरान बताया कि ‘मैं आपको पाकिस्तान से बाहर भागने की कोशिश के बारे में बता नहीं सकती.... मेरे वहां से निकलने की कहानी कई लोगों की जिंदगी को जोखिम में डाल देगी।’
हाल के दिनों में, वह कथित तौर पर अमेरिका में विभिन्न मानवाधिकार रक्षकों और कांग्रेस नेताओं के स्टाफ से मिली हैं। इस्माइल ने वॉयसेज फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी नाम का एक शोध और एडवोकेसी ग्रुप लॉन्च किया है। इस ग्रुप का मकसद दुनिया के संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की रक्षा करना है। इस्माइल ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी।
इमरान खान के सत्ता में आने के एक साल बाद इस्माइल की मुश्किलें शुरू हुई। पश्तून तहफ्फुज आंदोलन (पीटीएम) की कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल पर आतंक निरोधी कानूनों के तहत देशद्रोह का आरोप लगाया गया। इस्माइल ने फरिश्ता मोहम्मद का शव इस्लामाबाद के वुडलैंड में मिलने के बाद पिछले महीने उसकी हत्या के लिए अधिकारियों की भूमिका को उजागर करने के लिए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।