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Oxfam Claims at Davos: कोरोना महामारी काल में हर 30 घंटे में एक अरबपति उभरा, अब हर 33 घंटे में 10 लाख लोग बेहद गरीब होंगे

Mon, 23 May 2022 07:39 AM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, दावोस

सार

दावोस में 'प्रॉफिटिंग फ्रॉम पैन' (Profiting from Pain) शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में ऑक्सफैम ने यह बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें पिछले दशकों की तुलना में तेजी से बढ़ी हैं। 
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वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम - फोटो : social media
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विस्तार
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स्विटजरलैंड के दावोस में दुनियाभर के धनी व शक्तिशाली लोग वर्ल्ड इकानॉमिक फोरम की सालाना बैठक (World Economic Forum 2022) के लिए यहां पहुंच चुके हैं। इस मौके पर ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने सोमवार को कहा कि कोरोना महामारी काल में विश्व में हर 30 घंटे में एक नया अरबपति उभरा। इसके उलट इस साल अब हर 33 घंटे में 10 लाख लोग बेहद गरीबी के गर्त में चले जाएंगे। 

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दावोस में 'प्रॉफिटिंग फ्रॉम पैन' यानी पीड़ा से मुनाफाखोरी (Profiting from Pain) शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में ऑक्सफैम ने यह बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें पिछले दशकों की तुलना में तेजी से बढ़ी हैं। खाद्यान्न और ऊर्जा क्षेत्रों के अरबपति हर दो दिन में अपनी एक अरब डॉलर की संपत्ति बढ़ा रहे हैं। 

दो साल बाद हो रही बैठक
वर्ल्ड इकानॉमिक फोरम (WEF) सरकारी-निजी भागीदारी का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी बैठक दो साल से ज्यादा समय बाद दावोस में हो रही है। कोरोना महामारी के कारण दो सालों से यह बैठक नहीं हो सकी थी। 
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महंगाई बनी अरबपतियों के लिए वरदान
ऑक्सफैम इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने रिपोर्ट में कहा, 'दुनिया के अरबपति अपनी तकदीर अविश्वसनीय रूप से बदलने का जश्न मनाने दावोस आ रहे हैं। महामारी और अब खाद्यान्न तथा ऊर्जा की कीमतों में भारी बढ़ोतरी उनके लिए वरदान साबित हो रही है। उधर, बेहद गरीबी से लोगों को उबारने की दशकों की प्रगति सिफर रही है और लाखों लोग सिर्फ जिंदा रहने के लिए अप्रत्याशित महंगाई का सामना कर रहे हैं। '

26 करोड़ लोग बेहद गरीब हो जाएंगे
ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार महामारी के दौरान हर 30 घंटे में एक नया अरबपति उभरा है। इस दौरान कुल 573 लोग नए अरबपति बने। संगठन ने कहा कि हमें आशंका है कि इस साल हर 33 घंटे में 10 लोगों की दर से 26.30 करोड़ लोग बेहद गरीबी के शिकार हो जाएंगे।  

रिपोर्ट में कहा गया है कोविड-19 के पहले दो सालों में अरबपतियों की संपत्ति में बीते 23 सालों की तुलना में अधिक वृद्धि हुई है। दुनिया के अरबपतियों की कुल संपत्ति अब वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद global GDP की 13.9 फीसदी के बराबर है। यह 2000 में 4.4 फीसदी थी, जो तीन गुना बढ़ चुकी है। बुचर ने कहा कि अरबपतियों की तकदीर उनकी इसलिए नहीं बढ़ी हैं कि वे स्मार्ट हो गए हैं या कड़ी मेहनत कर रहे हैं बल्कि इसलिए बढ़ी है कि सुपर रिच दशकों से की गई धांधली का अब लाभ उठा रहे हैं। निजीकरण व एकाधिकार के चलते उन्होंने विश्व संपत्ति का बड़ा हिस्सा झपटा है और अपनी संपत्ति को टैक्स हैवन बने tax havens देशों में छिपा रहे हैं। 
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