मैसन ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रिपब्लिकन पार्टी के प्रति झुकाव का कारण यह है कि कि वे राष्ट्रपति ट्रंप से प्यार करते हैं। उन्होंने अपनी इस बात को सिद्ध करने के लिए कुछ बातें भी गिनाईं कि कैसे ट्रंप भारत और भारतीयों को लेकर बेहतर रुख रखते हैं और उनका अच्छा चाहते हैं।
मैसन ने कहा, पिछले साल सितंबर में जब हाउडी मोदी कार्यक्रम हुआ था, तब पूरी दुनिया में कश्मीर की चर्चा थी। उस वक्त केवल राष्ट्रपति ट्रंप ने उस रैली में जाने की हिम्मत थी। उन्होंने इस दौरान एक बार भी कश्मीर का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने कभी भी भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं दिया।
उन्होंने इस दौरान भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुए हिंसक गतिरोध का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप के प्रति भारतीय-अमेरिकी नागरिकों के झुकाव का एक कारण यह भी है कि ट्रंप चीन के खिलाफ और भारत के समर्थन में खड़े हुए।
इस रैली को अमेरिकन फॉर हिंदू ( American4Hindus ) संगठन ने आयोजित किया था। संगठन ने बताया कि करीब 30 हजार लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस रैली का सीधा प्रसारण देखा। वहीं, करीब 70 हजार रैली ऑनलाइन माध्यम से इस रैली का हिस्सा बने।
एक आंकड़े के अनुसार वर्तमान में अमेरिका में हिंदू आबादी 22 लाख 30 हजार है। यह अमेरिका की कुल आबादी का महज 0.70 फीसदी है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की साल 2004 की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट के अनुसार तब यहां हिंदुओं की जनसंख्या करीब 15 लाख थी, जो कुल आबादी का 0.50 फीसदी थी।