इंसानी कवच बनाकर लड़ रहा है ISIS
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इराक-सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाए इस्लामी स्टेट के आतंकियों के खिलाफ इराकी सेना तेजी से कदम नहीं उठा पा रही है। इराकी आर्मी ने भले ही इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को हराकर मोसुल के बड़े हिस्से पर दोबारा कब्जा जमाया हो, पर वो मोसुल से इस्लामिक स्टेट को जड़ से नहीं उखाड़ पाया है। इसकी वजह बनें हैं मोसुल के आम नागरिक, जिन्हें आईएसआईएस के लड़ाके मानव ढाल यानि इंसानी कवच के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इराकी सेना के सामने आईएसआईएस की ये चाल बेहद सफल होती दिख रही है। इराकी आर्मी अपने ही लोगों के संहार से बच रही है और यही वजह है कि वो मोसुल के बाकी के हिस्से को आईएसआईएस के कब्जे से नहीं छुड़ा पाई हैं।
इस बाबत आई संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट काफी कुछ कहती है। संयुक्त राष्ट्र यानि यूएन की मानें तो मौजूदा समय में सिर्फ मोसुल शहर में ही करीब 1 लाख आम लोग उन जगहों पर हैं, जहां आईएसआईएस का कब्जा है। वो इन 1 लाख लोगों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
100,000 civilians held by #ISIS in Mosul old city as 'human shields', says UN: AFP #Iraq
— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
आईएसआईएस को इंसानी कवच का फायदा इस तरह मिल रहा है कि वो इराकी सुरक्षाबलों पर हमले करके आम लोगों के बीच छिप जाते हैं। ऐसे में बड़े संहारक हथियारों का इस्तेमाल उनके खिलाफ हो नहीं पाता, न ही बड़े पैमाने पर उनके खिलाफ युद्ध छेड़ा जा सकता है। यही वजह है कि आईएसआईएस को पूरी तरह से खत्म करने में काफी समय लग रहा है।