अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का पछतावा है, उनका मानना है कि वह हाल ही में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को हरा सकते थे। हालांकि, उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपनी वापसी के लिए जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है और यह स्वीकार किया है कि उन्होंने मेरिक गारलैंड को अटॉर्नी जनरल के रूप में चुनने जैसे कुछ गलत फैसले लिए।
डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह 20 जनवरी 2025 को अपना पद संभालेंगे। इस बीच, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल ही में हुए राष्ट्रपति के चुनाव में जो बाइडन रिपब्लिकन नेता ट्रंप को हरा सकते थे। बाइडन को अभी भी 2024 की राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने का पछतावा है।
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बाइडन ने गर्मियों में, पहली बहस में खराब प्रदर्शन और कम अनुमोदन रेटिंग के बाद 21 जुलाई को अपने अभियान से हटने का ऐलान किया था, क्योंकि डेमोक्रेट्स के बीच दौड़ से उनके हटने की मांग तेज हो गई थी। उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को समर्थन देने में भी देरी की, जिससे हैरिस को ट्रंप के खिलाफ लड़ाई के लिए सिर्फ तीन महीने का समय मिला। हैरिस अंततः 2.2 मिलियन वोटों से हार गईं।
सूत्रों ने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि बाइडन ने हाल ही में विश्वास व्यक्त किया था कि उनके अभियान में आने वाली चुनौतियों के बावजूद, वह नवंबर में ट्रंप को हरा सकते थे।
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हैरिस को जिम्मेदार ठहराने से इनकार
राष्ट्रपति बाइडन ने उपराष्ट्रपति हैरिस को अपनी वापसी के लिए जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है। आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, बाइडन ने अपने सलाहकारों के सामने स्वीकार किया है कि उन्होंने कुछ गलत फैसले लिए, जैसे कि मेरिक गारलैंड को अटॉर्नी जनरल के रूप में चुनना।
ट्रंप के खिलाफ आरोप लगाने में धीमे रहे गारलैंड
बाइडन ने निजी तौर पर कहा है कि उनके न्याय विभाग ने उनके बेटे हंटर बाइडन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की और उन्हें दोषी पाया, लेकिन गारलैंड 6 जनवरी के बाद ट्रंप के खिलाफ आरोप लगाने में काफी धीमे रहे।
वादे से मुकर बेटे हंटर को किया माफ
राष्ट्रपति बाइडन ने पिछले महीने अपने बेटे हंटर को माफ कर दिया, जबकि उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह ऐसा करने के लिए अपने राष्ट्रपति पद के अधिकार का इस्तेमाल नहीं करेंगे।