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Bashar Al-Assad: 'सीरिया नहीं छोड़ना चाहता था, लड़ना चाहता था...', रूस भाग चुके बशर अल-असद का पहला बयान

Mon, 16 Dec 2024 08:27 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क।

सार

Bashar Al-Assad: सीरिया के निष्कासित नेता बशर अल-असद ने देश छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर पहला बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि वह रूसियों के साथ मिलकर विद्रोहियों से लड़ाई जारी रखना चाहते थे। 
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Bashar al-Assad - फोटो : X/@Presidency_Sy
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विस्तार
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सीरिया के निष्कासित राष्ट्रपति बशर अल-असद ने सोमवार को कहा कि वह सीरिया को नहीं छोड़ना चाहते थे और विद्रोहियों के साथ लड़ाई जारी रखना चाहते थे। अल-असद ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, 'मेरी देश छोड़ने की कोई योजना नहीं थी, जैसा कि पहले खबरों में बताया गया है।' 

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देश छोड़ने के बाद अल-असद ने यह पहला सार्वजनिक बयान जारी किया है। अल-असद ने कहा कि सैन्य प्रतिष्ठानों पर जब हमले हुए तब रूसियों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि वह आठ दिसंबर की सुबह तब दमिश्क छोड़कर रूस के सैन्य अड्डे में शरण लेने के लिए भागे, जब विद्रोहियों ने देश की राजधानी पर कब्जा कर लिया था। शुरुआत में उन्हें लताकिया प्रांत में रूसी सैन्य सुविधा में स्थानांतरित किया गया था, जहां उनका इरादा अपने रूसी सहयोगियों के साथ मिलकर विद्रोहियों के खिलाफ अपने प्रतिरोध को जारी रखना था। 

असद ने कहा कि उनका इरादा रूसियों के साथ मिलकर लड़ाई जारी रखने का था। लेकिन रूसियों ने आठ दिसंबर की रात उनके सुरक्षित स्थान पर ड्रोन हमलों का सामना करने के बाद उन्हें रूस भेजने का फैसला किया। निष्कासित नेता ने कहा, इन घटनाओं के दौरान मेरे मन में कभी भी इस्तीफा देने या शरण लेने का विचार नहीं आया, न ही किसी व्यक्ति या पार्टी ने ऐसी पेशकश की। एकमात्र विकल्प आतंकवाद का मुकाबला करना और लड़ाई जारी रखना था। 
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