कुछ हफ्ते पहले ही हमदान बलाल को 'नो अदर लैंड' फिल्म के लिए लॉस एजेलिस में ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, लेकिन अब उनका चेहरा चोटों से भरा है और कपड़ों पर खून के धब्बे हैं। फिल्म में इस्राइल के कब्जे के खिलाफ फलस्तीनी गांवों के संघर्ष को दिखाया गया है।
यह घटना सोमवार की रात वेस्ट बैंक सुसिया गांव में हुई। बलाल ने बताया कि वेस्ट बैंक में बसने वाले एक इस्राइली ने उनके सिर पर फुटबॉल की तरह लात मारी। फिर सैनिकों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बीस घंटे तक आंखों में पट्टी बांधकर एक ठंड कमरे में रखा गया और कई बार पीटा गया।
'आंखों पर पट्टी बांधकर ठंडे कमरे के फर्श पर बैठाया'
बलाल ने बताया कि सैनिकों ने उन्हें और दो अन्य फलस्तीनियों को हिरासत में लिया। फिल्म निर्देशक ने बताया कि उन्हें 20 घंटे से ज्यादा समय तक आंखों पर पट्टी बांधकर फर्श पर बैठाए रखा गया, जहां तेज एसी चल रहा था। हर बार जब सैनिक बदलते तो उसे लात-घूंसे मारते या डंडे से पीटते। बलाल ने बताया कि वह हिब्रू नहीं समझते, लेकिन उन्होंने सैनिकों को उनका नाम और ऑस्कर कहते हुए सुना।
वेस्ट बैंक के एक अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बलाल ने एक इंटरव्यू में कहा, मुझे समझ आ गया था कि वे मुझे ही निशाना बना रहे हैं। जब वे ऑस्कर कहते हैं, तो आप समझ जाते हैं। जब वे आपका नाम लेते हैं, तो आप समझ लेते हैं। इस्राइली सेना ने बलाल के साथ मारपीट के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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बलाल को हमलावर बताने वाले ने किया आरोपों को खारिज
जिस व्यक्ति ने बलाल की हमलावर के रूप में पहचान की थी, वह यहूदी बस्ती का शेम टोव लुस्की था, जिसने पहले भी बलाल को धमकी दी थी। लुस्की ने दावा किया कि न तो उसने और न ही सैनिकों ने बलाल को पीटा। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि बलाल और गांव के अन्य फलस्तीनियों ने उनकी कार पर पत्थर फेंके थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता था कि बलाल एक ऑस्कर विजेता है।
पत्थरबाजी के शक में किया गिरफ्तार: इस्राइली सेना
इस्राइली सेना ने सोमवार को कहा कि उसने तीन फलस्तीनियों को पत्थर फेंकने के शक में हिरासत में लिया। साथ ही एक इस्राइली नागरिक को भी पकड़ा। हालांकि, इस्राइली नागरिको जल्दी छोड़ दिया गया। बलाल ने पत्थरबाजी करने के आरोप को खारिज किया।
चश्मदीदों ने बताया कि सुसिया गांव के लोग रमजान के दौरान रोजा खोल रहे थे। तभी करीब वेस्ट बैंक में बसने वाले दो दर्जन यहूदी और पुलिस वहां पहुची और घरों पर पथराव किया। इसके तुरंत बाद 30 इस्राइली सैनिक भी वहां पहुंचे। बलाल ने जब इस हमले का वीडियो बनाया तो वहां बसने वाले एक इस्राइली नागरिक शेम टोव लुस्की ने दो सैनिकों के साथ आकर उन पर हमला कर दिया।
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