भारत समेत दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चपेट में है। भारत में एक दिन में 60 हजार से भी ज्यादा कोरोना के मरीज निकल रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल जैसा ही चिंताजनक है। लेकिन सवाल है कि जिस देश में कोरोना वायरस पैदा हुआ और उसने पूरी दुनिया को अपनी जद में ले लिया, वहां की स्थिति सामान्य कैसे है। जी हां, चीन में जनजीवन पूरी तरह से पटरी पर लौट आया है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने खतरनाक वायरस पर चीन ने किस तरीके से काबू पाया।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 16 मार्च से बीजिंग में लो कंटेनमेंट जोन वाले क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोगों को क्वारंटाइन होने की जरूरत नहीं होगी। इन्हें ग्रीन हेल्थ कार्ड और व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होगी।
चीन के अधिकारियों ने कोविड-19 की उत्पत्ति पर शोध की दी जानकारी
वहीं, चीन के अधिकारियों ने कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट जारी होने से पहले शुक्रवार को बीजिंग में विभिन्न देशों के राजनयिकों को इस संबंध में चल रहे एक शोध के बारे में जानकारी दी। मध्य चीन के वुहान में ही 2019 के अंत में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आया था, जो आज पूरी दुनिया में एक महामारी का रूप ले चुका है।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट आने से पहले चीन के इस कदम को सफाई पेश किए जाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। महामारी की उत्पत्ति राजनयिक विवाद की वजह बना हुई है। अमेरिका तथा अन्य देशों ने चीन के प्रभाव तथा जांच की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं जबकि कम्युनिस्ट देश का आरोप है कि वैज्ञानिक शोध का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
सफाई में चीन ने यह कहा
चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी यांग ताओ ने कहा, 'हमारा उद्देश्य खुलापन और पारदर्शिता दर्शाना है। चीन ने पारदर्शी तरीके से महामारी से जंग लड़ी है और कुछ भी छिपाया नहीं है।'
चीन गई थी डब्ल्यूएचओ की टीम
बता दें, डब्ल्यूएचओ की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम ने इस वर्ष की शुरुआत में चीन के वुहान की यात्रा की थी। टीम की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
रोज मिल रहे संक्रमण के नए मामले पर संख्या मामूली
चीन भी कोरोना संक्रमण से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ है। देश में रोजाना नए संक्रमित मिल रहे हैं, हालांकि उनकी संख्या दूसरे देशों की तुलना में बहुत मामूली है। 25 मार्च को चीन में कुल 11 नए संक्रमित मिले। ये सभी संक्रमित विदेशों से लौटे हैं। इन 11 केस में से चार शंघाई में, चार गुआंगझु में, दो झांगसु में व एक हुबेई में मिला है। इस दिन किसी की मौत नहीं हुई और कोई संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि 232 एसिम्टोमैटिक संक्रमित मिले हैं। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।