वॉल स्ट्रीट जर्नल के जिस पत्रकार डेनियल पर्ल की अलकायदा आतंकी उमर सईद शेख ने अपहरण कर सिर कलम कर दिया था, उसके पिता डॉ. जूडिया पर्ल ने पाकिस्तान से बेहद तीखे सवाल किए हैं। पर्ल ने सोशल मीडिया पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर के जनाजे पर पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की दुआ करती तस्वीर पोस्ट कर पूछा है कि काश, ये माननीय हमें बता पाते कि आप वास्तव में किस बात का शोक मना रहे हैं? आप चाहते हैं कि आपके बच्चे किस आदर्श का सम्मान करें? आपने इस आदमी से क्या सीखा है? पर्ल के बेटे की 2002 में हुई हत्या में आतंकी रऊफ की अहम भूमिका थी।
ये भी पढ़ें: India Pakistan Tension: 'धन्यवाद', आतंकी रऊफ अजहर को ढेर करने पर पूर्व अमेरिकी राजदूत ने जताया भारत का आभारमैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझसे संपर्क किया कि भारत के सैन्य बलों ने अब्दुल रऊफ अजहर को मार डाला है। रऊफ को मेरे बेटे डेनियल के अपहरण और हत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है। मैं साफ करना चाहता हूं, अजहर पाकिस्तानी आतंकी और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर था। उसका गुट डेनियल के अपहरण और हत्या की साजिश में अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार था। मुझे उम्मीद है कि यह घटना डैनी की हत्या में सीधे तौर पर शामिल दो अन्य अपराधियों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी, जो अब तक न्याय से बच हुए हैं, खालिद शेख मोहम्मद और उमर शेख। - जूडिया पर्ल, डेनियल के पिता
कंधार कांड का मास्टरमाइंड था रऊफ
पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी मिली। इस सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशनल कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर मारा गया। रऊफ जैश मुखिया मौलाना मसूद अजहर का भाई था। वह लंबे समय से भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी था। उसे 1999 के आईसी 814 अपहरण कांड का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसे कंधार हाईजैक के नाम से भी जाना जाता है। इसी अपहरण के सौदे में मसूद अजहर के साथ जागर और उमर शेख नाम के खतरनाक आतंकियों को छोड़ा गया था।
रिहा होने के बाद डेनियल पर्ल की गला रेतकर की हत्या
रिहा होने के बाद उमर शेख ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के अमेरिकी-यहूदी मूल के पत्रकार डेनियल पर्ल का अपहरण कर उसकी गला रेत कर हत्या कर दी थी। इस पूरे कांड में रऊफ की भी मिलीभगत थी। सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के जो रिश्तेदार और सहयोगी मारे गए रऊफ उनमें से ही एक था। अंतरराष्ट्रीय आतंकी और यूएन प्रतिबंधित रऊफे के रुतबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसकी अंत्येष्टि में पाकिस्तान सेना के कई शीर्ष कमांडरों ने शिरकत की। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज पाकिस्तानी आतंकी संगठनों और वहां की सेना की सांठगांठ की पोल खोलता है।