रूस-यूक्रेन के बीच जंग में हजारों विदेशी नागरिक फंस गए हैं। इसमें कई भारतीय भी शामिल हैं। हालांकि, भारत सरकार की ओर से यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया गया है। इसके तहत अब तक 13 हजार 700 लोगों को निकाला गया है। सरकार की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि, पिछले सप्ताह शुरू की गईं विशेष उड़ानों से अब तक 13,700 भारतीयों को निकाला गया है। शनिवार को 15 उड़ानों से तीन हजार नागरिक देश लौट आए।
दरअसल, यूक्रेन के सभी शहरों में गोलीबारी के बीच भारत सरकार ने पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी और रोमानिया से विशेष उड़ानें शुरू की हैं। इसके तहत यूक्रेन बॉर्डर से लोगों को निकाला जा रहा है।
वायु सेना ने भेजीं अब तक 11 उड़ानें
ऑपरेशन गंगा के तहत जल्द से जल्द भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने के लिए वायु सेना की भी मदद ली गई है। शनिवार को वायु सेना ने अपने एक ट्वीट में बताया कि, उसने अब तक 11 उड़ानें छात्रों के लिए भेजी हैं। इनसे 2,226 यात्रियों को भारत लाया गया है। वहीं 26 टन राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
पिसोचिन में अब एक भी भारतीय नहीं
यूक्रेन में भारतीय दूतावास द्वारा एक ट्वीट में कहा गया कि, पिसोचिन शहर में फंसे सभी भारतीयों को निकाल लिया गया है। शनिवार को यहां दूतावास की ओर से बसें भेजी गई थीं। भारत सरकार अब सूमी में फंसे भारतीयों को निकालने का प्रयास कर रही है।
रूस के रास्ते भी निकाले जा रहे छात्र
भारत सरकार ने रूस के रास्ते भी भारतीय छात्रों को निकालने के लिए रूसी अधिकारियों से बातचीत की थी। इसके बाद रूस की ओर से बयान जारी किया गया था कि, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए 130 रूसी बसें लगाई गई हैं। इसके जरिए भारतीयों को रूस की सीमा में लाया जाएगा।