भारतीय दूतावास ने उन भारतीय नागरिकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है जो कोविड-19 महामारी की वजह से लागू बंद के चलते स्वदेश वापसी के इच्छुक हैं। भारत सरकार ने विदेशों में फंसे लोगों को हालातों के आकलन के बाद घर लाने संबंधी विचार पर निर्णय करने के संकेत दिए थे जिसके बाद दूतावास ने यह कदम उठाया है। सरकार ने 10 अप्रैल को कहा था कि कोविड-19 स्थिति की समीक्षा के बाद विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को लाने संबंधी विचार पर निर्णय लिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दम्मू रवि ने कहा, विदेश में रह रहे भारतीय लोगों के बारे में कुछ सवाल आए हैं। ऐसी स्थिति है जहां हम कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकते हैं क्योंकि वहां अब भी बंद है। हमें हालातों की समीक्षा करनी होगी। यह सरकार का फैसला होगा कि हम अन्य देशों से भारतीय लोगों की वापसी का प्रबंध कैसे करेंगे?’
उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले चरण की शुरुआत संभवत: खाड़ी देश, ब्रिटेन और यूरोप के अन्य हिस्सों से होगी। इसके बाद अमेरिका के बारे में विचार किया जाएगा। भारतीय दूतावास ने इस बारे में भारतीय सामुदायिक संगठनों और हाल में संपर्क किए गए लोगों को ईमेल भेजना शुरू किया है।
पंजीकरण की सुविधा दी
विदेशों में रह रहे लोग यदि घर वापसी के इच्छुक हैं तो उन्हें पंजीकरण कराने की सुविधा दी जा रही है। हालांकि अभी यात्रा की कोई तारीख तय नहीं की गई है। अमेरिका में फंसे भारतीय लोगों की कुल संख्या को लेकर भी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि यहां फंसे लोगों में अधिकांश लोग छात्र हैं जो विश्वविद्यालयों की बंद होने के कारण यहां फंसे हैं।