अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेखिका ई. जीन कैरोल द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों का खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को "पूरी तरह झूठा" बताते हुए कहा है कि "वो मेरे टाइप की नहीं है।" ट्रंप ने एक अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं बड़े सम्मान के साथ कहूंगा कि नंबर एक, वो मेरे टाइप की नहीं है। नंबर दो, ये सब हुआ ही नहीं। ठीक है?"
न्यूयॉर्क पत्रिका में छपे लेख में कैरोल ने कहा है कि वह ट्रंप से 1995 के आखिर और 1996 की शुरुआत में मिली थीं। ये मुलाकात बर्जडोर्फ गुडमैन (डिपार्टमेंट स्टोर कंपनी) में हुई थी। कैरोल कहती हैं कि उन्होंने ट्रंप को रियल एस्टेट टायकून के रूप में पहचाना और ट्रंप ने उन्हें कहा था कि वह किसी लड़की के लिए तोहफा खरीदने आए हैं। इसी दौरान ट्रंप ने उनके साथ दुष्कर्म किया।
जानकारी के मुताबिक उस वक्त ट्रंप और कैरोल की उम्र 50 साल के करीब थी। और ट्रंप की पत्नी मार्ला मेपल्स थीं। कैरोल का कहना है कि उन्होंने घटना के बारे में अपने दो दोस्तों को बताया था, जिनमें से एक ने उन्हें पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा। लेकिन एक अन्य दोस्त ने इसके उलट कहा कि "भूल जाओ! उसके (ट्रंप) पास 200 वकील हैं। वो तुम्हें दफना देगा।"
कैरोल ने लेख में जिन छह पुुरुषों पर यौन शोषण का आरोग लगाया है, ट्रंप उनमें से एक हैं। ट्रंप के अलावा उन्होंने लेस मूनव्स पर भी यौन शोषण का आरोप लगाया है। जो सीबीएस के पूर्व सीईओ हैं। उन्होंने यौन शोषण के आरोप लगने के बाद साल 2018 में इस्तीफा दे दिया था। कैरोल ने लेख में ट्रंप को अपने जीवन का 'सबसे भयंकर अंतिम पुरुष' बताया है और लिखा है कि उन्होंने 'उस दिन के बाद से कभी शारीरिक संबंध नहीं बनाए हैं।' अब कैरोल का कहना है कि ट्रंप द्वारा किए गए अपराध पर वह बोलती रहेंगी।