ओमान में रह रहे भारतीय लोगों पर बड़ी तादाद में नौकरी जाने का संकट मंडराने लगा है। ओमान सरकार ने कंपनियों में विदेशी लोगों की जगह अपने नागरिकों की नौकरी पर रखने के लिए आदेश जारी किए हैं। ओमान के वित्त मंत्रालय ने देश की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि वह अपने यहां विदेशी नागरिकों की जगह ओमानी नागरिकों को भर्ती करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
कंपनियों को 2021 तक प्रबंधकीय पदों समेत अन्य पदों पर विदेशी कर्मचारियों के स्थान पर योग्य ओमानियों को नियुक्त करने के लिए कहा गया है। सरकार के इस फैसले के बाद ओमान में रह रहे भारतीयों के बड़ी संख्या में प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
ओमान में लगभग 7.7 लाख भारतीय हैं, जिनमें से 6.55 लाख कामगार या पेशेवर लोग हैं। यह भारतीय ओमान की कुल आबादी 46 लाख का करीब 17 फीसदी हैं। ओमान में विदेशी नागरिकों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक है। अरब देशों में करीब 2.5 करोड़ विदेशी नागरिक हैं, जिनमें ज्यादातर एशियाई हैं।
अपने नागरिकों को नौकरी पर रखने के आदेश के साथ सरकार ने कहा है कि यह काम तेजी से और संगठित ढंग से किया जाना है। सरकार ने यह कदम तेल की कीमतों में गिरावट और कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था में सुस्ती के चलते बेरोजगारी बढ़ने की आशंका को लेकर उठाया है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही गिरावट से तेल समृद्ध क्षेत्र को कड़ी चोट लगी है। ऐसे में खाड़ी के ज्यादातर देशों ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में विदेशियों पर अपने नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए कानून पेश किया है।